ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
धार्मिक

दुर्लभ ‘शिव योग’ में मनाया जाएगा करवा चौथ पर्व, जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व

इंदौर। करवा चौथ हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। करवा चौथ इस वर्ष 1 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं करवा माता की विशेष पूजा करती हैं। साथ ही अखंड सुहाग के लिए करवा माता का व्रत भी करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ का व्रत करने से विवाहित महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति की उम्र भी लंबी होती है। पंडित आशीष शर्मा के मुताबिक, करवा चौथ पर दुर्लभ ‘शिव योग’ बन रहा है। इस योग में माता करवा की पूजा करने से महादेव की कृपा भी प्राप्त होती है। उनकी कृपा से व्रत करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

करवा चौथ शुभ मुहूर्त

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अक्टूबर को रात 9.30 बजे शुरू होगी और 1 नवंबर को रात 9.19 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मानी जाती है। उदया तिथि के अनुसार, करवा चौथ 1 नवंबर को मनाया जाएगा। चंद्रोदय रात 08 बजकर 26 मिनट पर होगा।

करवा चौथ शिव योग

ज्योतिषियों के मुताबिक, करवा चौथ पर बेहद लाभकारी शिव योग बन रहा है। इस शुभ योग का निर्माण दोपहर 2.07 बजे से शुरू होकर अगले दिन 2 नवंबर तक रहेगा। इस योग में करवा माता की पूजा करने से भक्त को दोगुना फल की प्राप्ति होगी। इस अवधि में शुभ कार्य भी किए जा सकते हैं।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय- प्रातः 06:33

सूर्यास्त – शाम 5.36 बजे

चंद्रोदय: रात्रि 8.15 बजे

चंद्रास्त- प्रातः 10:05 बजे

पंचांग

ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:49 से 05:41 तक।

गोधूलि बेला: शाम 5.36 बजे से शाम 6.02 बजे तक।

निशिता मुहूर्त- रात 11.39 बजे से 12.31 बजे तक।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button