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मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़

खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ त्योहारी सीजन नजदीक आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। मिलावटखोरों के खिलाफ खानापूर्ति के लिए होने वाली औपचारिकताएं अब जनता की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। आए दिन बाजारों में बिकने वाले मिलावटी मावा, नकली पनीर, सड़े-गले फल और एक्सपायरी उत्पादों का अंबार मिल रहा है, लेकिन खाद्य विभाग की नींद सिर्फ इक्का-दुक्का छापामार कार्रवाई तक ही सीमित नजर आती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चल रहा है, तब विभाग के निरीक्षक और अधिकारी क्या कर रहे हैं? कागजों पर सैंपलिंग और प्रयोगशाला की लंबी प्रक्रियाओं के नाम पर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, जिससे मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। आम आदमी अपनी गाढ़ी कमाई देकर जहर खरीदने को मजबूर है। यदि समय रहते इस भ्रष्टाचार और सुस्ती पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को न्योता दे सकती है। अब देखना यह होगा कि सुस्त पड़ी व्यवस्था कब गहरी नींद से जागेगी और दोषियों पर कठोर

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