ब्रेकिंग
उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां सागर जहरीली शराब कांड: उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, कहा- पाकिस्तान के बाद मध्य प्रदेश में हिंद...
मध्यप्रदेश

नए शहर में फुटपाथ को लगा अतिक्रमण का ग्रहण पैदल चलने वालों को नहीं मिलती जगह

भोपाल। नगर निगम के अमले ने फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भले ही बुधवार को कार्रवाई की है लेकिन नए शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में फुटपाथ कब्जे में जकड़ रहे हैं। ये लोगों के चलने के लिए नहीं बचे हैं। कहीं चाय की गुमठी चल रही है तो कहीं स्थायी दुकानें तन चुकी है। स्थिति यह है कि पुराने मार्गों के फुटपाथ अतिक्रमण से फुल हो चुके हैं, इन पर चलना तो दूर पैर रखने तक की जगह नही है। मजबूरी में लोगों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच अपनी जान हथेली पर रखकर सड़क पर चलना पड़ता है।

यहां हुआ कब्जा

करोंद चौराहे से लेकर लांबाखेड़ा तक बनाए गए मार्ग के दोनों तरफ फुटपाथ हैं। यहां निशातपुरा थाना के सामने से ही फुटपाथ पर अतिक्रमण शुरू हो जाता है और लांबाखेड़ा तक फुटपाथ पर कब्जे हो रहे हैं। इसके बावजूद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यही हाल जेके रोड, आसिमा माल के सामने वाला मार्ग, कोलार, चूनाभट्टी, शाहपुरा, साकेत नगर, बागसेवनिया, लहारपुर, एम्स के आसपास, शाहपुरा, बावड़िया कलां आदि क्षेत्रों में बना हुआ है।

की जाती है अवैध वसूली

सूत्रों ने बताया कि नए फुटपाथ पर अतिक्रमण भी नगर निगम अधिकारियों की शह पर ही हो रहे हैं। यहां लगने वाले ठेलों, दुकानों से प्रतिदिन 30 रुपये, साप्‍ताहिक 100 रुपये और मासिक के हिसाब से 2000 रुपये तक वसूली की जाती है। इसका किसी के पास कोई रिकार्ड नहीं होता है। इसी वजह से इन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है।

सत्ता में बैठे कुछ लोग ही फुटपाथ पर कब्जा करवा रहे हैं। इन्हीं में से कुछ लोग वसूली करवाते हैं, फुटपाथ पर कब्जा कर किराये से दुकानें चलवा रहे हैं। छोटे लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहे हैं।

– शबिस्ता जकी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम

सभी जोन अधिकारियों, अतिक्रमण प्रभारियों को फुटपाथ खाली कराने के लिए कहा है। आगे कब्जे हुए तो जवाबदारी तय करेंगे। नियमित रूप से फुटपाथ पर नजर रखी जाएगी।

– मालती राय, महापौर

Related Articles

Back to top button