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खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्षक सस्पेंड
मुरैना में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एसपी धर्मराज मीना रात के समय रेत परिवहन रोकने के लिए लगाए गए चेक पॉइंट्स की जांच करने के लिए निकले थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि डायल 112 (एफआरवी) के ठीक सामने से रेत से भरे ट्रैक्टर निकल रहे हैं, लेकिन पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने हुए हैं। जब एसपी धौलपुर की ओर जा रहे थे, तब रास्ते में सिविल लाइन थाने की एफआरवी पॉइंट से रेत की ट्रॉलियों का मूवमेंट नजर आया। एसपी की गाड़ी रुकने के बावजूद वहां तैनात आरक्षक गजेंद्र ने कोई एक्टिविटी नहीं दिखाई। कुछ आगे बढ़ने पर सरायछौला थाने की एफआरवी के सामने से भी इसी तरह रेत से भरी ट्रॉली गुजरती हुई दिखाई दी। इस गंभीर लापरवाही और ड्यूटी के प्रति उदासीनता को देखते हुए एसपी मीना ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने सिविल लाइन थाने के आरक्षक गजेंद्र और सरायछौला थाने के आरक्षक महेंद्र को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद संबंधित थाना प्रभारियों (उदयभान सिंह और केके सिंह) का कहना है कि सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है, लेकिन उनकी त्रुटि क्या थी, यह जांच का विषय है। हाईवे पर पुलिस की कार्यप्रणाली और अवैध रेत के खेल पर इस औचक निरीक्षण ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


