ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मुख्य समाचार

आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना

आरक्षण, गरीबी भारतीय समाज में सदियों से विशेषाधिकार प्राप्त माने जाने वाले सवर्ण वर्ग के सामने आज अस्तित्व और पहचान का गंभीर संकट खड़ा हो चुका है। सामाजिक विमर्श में अक्सर इस वर्ग को साधन संपन्न मान लिया जाता है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इन धारणाओं से कोसों दूर है। वर्तमान समय में इस वर्ग के समक्ष सबसे बड़ा अभिशाप व्यापक बेरोजगारी और गहराता आर्थिक संकट है। उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में कड़े मुकाबले के बीच सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए सफलता की राह बेहद कठिन हो चुकी है। EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण मिलने के बावजूद, अवसरों की भारी कमी के कारण लाखों युवा हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। मध्यम वर्गीय सवर्ण परिवार आज दो वक्त की रोटी और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। इसके साथ ही, राजनीतिक उपेक्षा और असुरक्षा की भावना ने इस वर्ग को अंदर से खोखला कर दिया है। वोट बैंक की राजनीति के चलते हर दल इस वर्ग को नजरअंदाज करता रहा है, जिससे युवाओं में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष है। पारंपरिक पेशों का पतन और शहरों में महंगे होते जीवन ने इनकी स्थिति को और दयनीय बना दिया है। यदि समय रहते योग्यता को दरकिनार करने वाली नीतियों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो यह सामाजिक असंतोष देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button