ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मध्यप्रदेश

थमने लगा वर्षा का दौर धूप निकलेगी चार दिन बाद फिर करवट लेगा मौसम

भोपाल। प्रदेश में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से अब वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी। कुछ बादल छंटने से बीच-बीच में धूप भी निकलेगी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। शेष जिलों में कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने पर पांच-छह जुलाई से एक बार फिर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दतिया में 47, ग्वालियर में 36.4, इंदौर में 19.8, पचमढ़ी में 18, नौगांव में 17.8, नर्मदापुरम में 12.5, टीकमगढ़ में 11, छिंदवाड़ा में 10.8, शिवपुरी में 10, खंडवा में 10, उज्जैन में नौ, भोपाल में 8.9, सागर में 7.8, रायसेन में 7.6, सतना में सात, उमरिया में 5.2,सिवनी में 1.8, रतलाम में एक, खजुराहो में एक, मंडला में 0.5, धार में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात कमजोर पड़कर उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ चला गया है। इस चक्रवात से लेकर मणिपुर तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके अतिरिक्त मप्र के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई अन्य मौसम प्रणाली फिलहाल सक्रिय नहीं है। इस वजह से वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगी है। हालांकि वातावरण में काफी नमी रहने के कारण पूर्वी मप्र के सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में शनिवार-रविवार को गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। शेष जिलों में भी कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। बीच-बीच में धूप भी खिलेगी। पांच जुलाई के बाद एक बार फिर वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।

Related Articles

Back to top button