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दिल्ली NCR

एम्स को नहीं मिल रहा चिकित्सा अधीक्षक, दूसरी बार निकाला आवेदन

आवेदन करने वाले को मेडिकल स्नातकोत्तर की डिग्री के साथ-साथ मेडिकल शिक्षण व शोध कार्य में 14 वर्ष के अनुभव होना चाहिए या अस्पताल प्रशासन में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ किसी बड़े अस्पताल के संचालन में सात वर्ष प्रशासनिक कामकाज का अनुभव होना चाहिए।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली को चिकित्सा अधीक्षक नहीं मिल रहा। हालत यह है कि एम्स को नए चिकित्सा अधीक्षक के लिए आवदेन की तारीख को बढ़ाना पड़ा। एम्स ने इस बार चिकित्सा अधीक्षक पद पर बाहर से डेपुटेशन पर एमएस को लाने का फैसला लिया है। इसके तहत उन्होंने आवेदन निकाला, लेकिन अभी तक इस पद को लेकर कोई खास रूचि नहीं दिखाई गई। पहले इस आवेदन की तारीख बढ़ाकर 24 मार्च की गई थी और अब आठ अप्रैल कर दी गई है।

बीते साल दिसंबर में अस्पताल प्रशासन ने विभाग के डा. डीके शर्मा एम्स को मुख्य अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के पद से हटा दिया था। उनके जगह पर फारेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर व संस्थान के रजिस्ट्रार डा. संजीव लालवानी को कार्यकारी तौर पर मुख्य अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके आद एम्स ने जनवरी में चिकित्सा अधीक्षक की नियुक्ति नियमावली में संशोधन कर बाहर से एमएस नियुक्त करने फैसला लिया।

इसका कार्यकाल अधिकतम पांच साल होगा। आवेदन करने वाले को मेडिकल स्नातकोत्तर की डिग्री के साथ-साथ मेडिकल शिक्षण व शोध कार्य में 14 वर्ष के अनुभव होना चाहिए या अस्पताल प्रशासन में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ किसी बड़े अस्पताल के संचालन में सात वर्ष प्रशासनिक कामकाज का अनुभव होना चाहिए।

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