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जेल में बंद मिर्ची बाबा दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से नाराज।

भोपाल। संतान समस्या के समाधान के लिए आई एक महिला के साथ बलात्कार के आरोप में जेल में बंद मिर्ची बाबा उर्फ वैराग्यानंद गिरी दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से नाराज हैं। उनका कहना है कि नेता और चेला सब मतलबी हैं। जब भी जेल से छूटेंगे, मध्यप्रदेश में नहीं बल्कि हिमाचल में रहें मिर्ची बाबा रेप के मामले में जेल में बंद मिर्ची बाबा उर्फ वैराग्यानंद गिरि दुबला हो गया है। 10 दिसंबर को बाबा के वकील श्रीकृष्ण धौसेला, बाबा से मिलने भोपाल की केंद्रीय जेल पहुंचे। बाबा ने वकील से मुरमुरे खाने लिए 500 रुपए मांगे। वकील ने रुपए कैंटीन में जमा करा दिए। बाबा ने वकील से कहा- उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया है। नेता-चेला सब मतलबी हैं। वकील ने दावा किया कि जेल में बाबा का वजन कम हो गया है। मिर्ची बाबा के पोटेंसी टेस्ट का आवेदन खारिज मिर्ची बाबा ने हाल में वकील के जरिए कोर्ट के सामने दो मांगें रखी थीं। कोर्ट को दिए आवेदन में वकील श्रीकृष्ण धौसेला ने निवेदन किया कि अभियुक्त (मिर्ची बाबा) 9 अगस्त 2022 से न्यायिक अभिरक्षा में है। वह नागा साधु है। शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ है। ऐसे में राजनीतिक छवि, भविष्य को बर्बाद करने के उद्देश्य से उसके खिलाफ घृणित आरोप लगाए गए हैं। इस आधार पर डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम से बाबा का पोटेंसी (मर्दानगी) टेस्ट कराया जाए। अभियोजन पक्ष ने इसका मौखिक विरोध किया। इस पर कोर्ट ने कहा- केस में जांच की कार्रवाई पूरी होकर चालान पेश हो चुका है। अब कोई कार्रवाई बाकी नहीं है। इस कारण कोर्ट ने मेडिकल परीक्षण का आवेदन निरस्त कर दिया।

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