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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: सेंपल फेल का डर दिखाकर वसूली करने वाले फ़ूड अधिकारी अवनीश गुप्ता निलंबित
/भिंड | 13 अप्रैल 2026 प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी चंबल संभागायुक्त एवं कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पद के दुरुपयोग और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के चलते की गई है। क्या है पूरा मामला? मामला वर्ष 2024 का है, जब भिंड में पदस्थापना के दौरान श्री गुप्ता पर व्यापारियों को सैंपल (नमूना) फेल होने का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलने के आरोप लगे थे। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर भिंड कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जवाब में ढुलमुल रवैया और कार्रवाई निलंबन की पटकथा श्री गुप्ता के अपने ही जवाबों से लिखी गई: सितंबर 2025: प्रशासन ने आरोपों का ठोस आधार देते हुए दोबारा जवाब मांगा। 7 अप्रैल 2026: लंबी खींचतान के बाद श्री गुप्ता ने जो स्पष्टीकरण दिया, उसे संभागायुक्त ने असंतोषजनक और टालमटोल वाला पाया। अनुशासनात्मक प्रहार: वर्तमान में मुरैना में पदस्थ श्री गुप्ता के खिलाफ लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई को देखते हुए उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत सस्पेंड कर दिया गया। निलंबन के कड़े निर्देश "भ्रष्टाचार और आम जनता के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रक्रिया का पालन करते हुए दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।" मुख्यालय: निलंबन की अवधि में श्री गुप्ता का मुख्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला मुरैना रहेगा। निर्वाह भत्ता: नियमानुसार उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही प्राप्त होगा। यह कार्रवाई जिले के उन अन्य अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अपनी कुर्सी का उपयोग जनसेवा के बजाय जेब भरने के लिए करते हैं। क्र. 068


