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मध्यप्रदेश

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को 20 साल की सजा, कोर्ट ने दो वर्ष के अंदर सुनाया फैसला

बुरहानपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित डवाली खुर्द निवासी 25 वर्षीय वकील उर्फ अनिल सिंग को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता ने 29 अक्टूबर 2021 को नेपानगर थाने पहुंच कर बालिका के लापता हो जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

ये है पूरा मामला

शिकायत में बताया कि बताया था कि पूरा परिवार 28 अक्टूबर को ही मजदूरी कर घर लौटा था। शाम सात बजे बालिका किराना दुकान से सामान लेने गई, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। उन्होंने आशंका जताई थी कि कोई उसे बहला फुसला कर ले गया है। पुलिस ने काफी तलाश के बाद 13 जनवरी को उसे बरामद कर लिया।

शादी का झांसा देकर ले गया महाराष्ट्र

पूछताछ में पीड़ित किशोरी ने बताया कि आरोपित अनिल को पांच माह से जानती थी और उसके साथ प्रेम संबंध था। घटना की रात आरोपित ने उसे हनुमान मंदिर में बुलाया और शादी का झांसा देकर महाराष्ट्र के बड़गांव ले गया था। तब से लगातार उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।

जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। प्रकरण गंभीर प्रकृति का होने के कारण इसे चिन्हित प्रकरणों में शामिल किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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