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खरगोन की धूलकोट पंचायत में बने सर्वाधिक आवास, लोगों को स्वरोजगार भी मिला

भोपाल। खरगोन जिले की महाराष्ट्र राज्य से लगी आकांक्षी जनपद पंचायत भगवानपुरा की धूलकोट पंचायत प्रदेश में सबसे अधिक सरकारी आवास बनाने वाली पंचायत बन गई है। जनजातीय बहुल धूलकोट पंचायत में 1667 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा के प्रयासों से पीएम आवास का काम आकांक्षी जनपद में मिशन के रूप में किया गया है। इस वजह से धूलकोट पंचायत टॉप-50 रैंकिंग में सबसे ऊपर है।

ढाल वाली डिजाइन में बने हैं 70 आवास

जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के कारण पंचायत क्षेत्र में कच्चे मकान ज्यादा थे। इस वजह से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति पात्र हितग्राहियों को बड़ी संख्या में जारी की गई। धूलकोट ने अनोखी डिजाइन के आवास के कारण अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

सरपंच सालकराम किराड़े बताते हैं कि पक्की छत वाले मकान जनजातीय समुदाय के पूर्वजों की मान्यता अनुसार मान्य नहीं होते हैं। इस वजह से धूलकोट में करीब 70 आवास ढाल वाली डिजाइन में बने हैं। ढाल के साथ छत पर कहीं-कहीं इंगलिश कवेलू और कहीं परम्परागत कवेलू का उपयोग किया गया है। इससे घर की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं।

पीएम आवास में स्वरोजगार

प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभान्वित मोर सिंह हबजिया कनोजे बताते हैं कि 3 वर्ष पहले उनका घर बांस से बना कच्चा मकान था। कच्चे मकान के आंधी-बारिश में हमेशा गिरने का डर बना रहता था। पीएम आवास की स्वीकृति मिलने पर आवास बनाने में उन्होंने स्वयं मजदूरी की। पहले वे दूसरे के खेतों में मजदूरी किया करते थे। अब पक्के मकान में किराना दुकान चला रहे हैं, जिससे अब उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन की आय भी हो रही है। धूलकोट में ऐसे कई हितग्राही हैं, जिनके जीवन में बदलाव आया है।

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