ब्रेकिंग
मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष...
मध्यप्रदेश

दाल मिल संचालकों के लिए फरमान- एफएसएसएआइ लाइसेंस देखें, फिर बेचें दाल

इंदौर। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) के एक आदेश ने दाल उद्योग को हैरान-परेशान कर दिया है। दाल मिल संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे उसी व्यक्ति या फर्म को दाल बेच सकती हैं जो एफएसएसएआइ लाइसेंसधारी हो। दाल उत्पादक हैरान हैं आखिर वे व्यापार करें या माल बेचने से पहले ग्राहक का लाइसेंस जांचें।

आल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर इस नियम को निरस्त करने की मांग की गई है। चुनावी मौसम में दाल उद्योग मनमाने नियम के खिलाफ मोर्चा खोल सकता है। दो दिन पहले देशभर के दाल उद्योग के पदाधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया गया।

यह भी पढ़ें

व्यावहारिक रूप से यह संभव नहीं

इंदौर में हुए वार्षिक सम्मेलन में इंदौर के मिलर अनिल गुप्ता ने इस मुद्दे के उठाते हुए कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आदेश जारी कर सिर्फ एफएसएसएआइ लाइसेंसधारी को ही दाल बेचने का आदेश दिया है। व्यावहारिक रूप से यह संभव नहीं है। तमाम छोटे किराना दुकानवाले से लेकर थोक ग्राहक भी हैं, जो लाइसेंस नहीं लेते। कानून के नियमों के कारण ही उन पर लाइसेंस की बाध्यता नहीं है। सिर्फ 60 प्रतिशत व्यापारी ऐसे हैं जो लाइसेंसधारी हैं। ऐसे में मनमानी शर्त उद्योगों को व्यापार ही नहीं करने देगी।

व्यापार में ऐसा संभव नहीं है

छोटे व्यापारियों किराना वालों को लाइसेंस से छूट है। शादी या समारोह से लेकर अन्य तमाम रिटेल ग्राहक भी ऐसे होते हैं जो मिलों से इकट्ठी दाल खरीदते हैं। क्या हम उन्हें दाल विक्रय से मना करें या लाइसेंस लेने के लिए कहें। ऐसा व्यापार में संभव नहीं है। इस नियम को वापस लेना चाहिए। केंद्र सरकार तक हम मांग पहुंचा रहे हैं। वर्ना विरोध भी करेंगे। -सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष आल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन

यह आदेश होलसेलर और रिटेलर के लिए भी

कुछ दिनों पहले फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया ने आदेश जारी हुआ है। यह सिर्फ दाल मिल संचालकों के लिए नहीं है. होलसेलर और रिटेलर के लिए भी है। -मनोज रघुवंशी, जिला खाद्य अधिकारी

Related Articles

Back to top button