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मध्यप्रदेश

एमपी हाई कोर्ट में पहली सुनवाई में वापस ले ली गंदे पानी को लेकर लगाई याचिका

इंदौर। नलों में आ रहे दूषित और गंदे पानी की समस्या को लेकर हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका याचिकाकर्ता ने पहली सुनवाई पर ही वापस ले ली। कोर्ट ने उनसे कहा कि वे याचिका नए प्रारूप में प्रस्तुत करें। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने नए प्रारूप में याचिका दायर कर दी है। संभवत: इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

फौजिया शेख ने किया था दायर

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने दायर की थी। इसमें नलों में आ रहे गंदे पानी का मुद्दा उठाया गया था। कहा था कि कई जगह नल में ऐसा पानी आ रहा है कि इसे इस्तेमाल तक नहीं कर सकते। याचिकाकर्ता ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से नलों में आ रहे पानी के सैंपल लेकर नगर निगम की लैब में जांच करवाई थी।

रिपोर्ट में चौकाने वाली बात सामने आई कि ज्यादातर जगह नल से आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है। कुछ जगह तो इसमें जहरीले तत्व भी मिले। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट और पूर्व पार्षद शेख अलीम ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से हमने नए प्रारूप के हिसाब से याचिका प्रस्तुत कर दी है।

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