ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
देश

3 बेटियों के बावजूद बेटे की चाह में पत्नी को फिर से किया गर्भवती आरक्षक निलंबित

बालोद। छत्‍तीसगढ़ के बालोद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां तीन बेटियां होने के बावजूद बेटे की चाह में पत्‍नी को फिर गर्भवती करने पर एक जवान को निलंबित कर दिया गया। दरअसल, मामला बालोद जिले के ग्राम धनोरा में स्थित 14वीं वाहनी छत्तीसगढ़ सशक्त बल का है। जहां सेनानी डीआर आंचला ने आरक्षक 458 प्रहलाद सिंह को दो से अधिक बच्चे होने के कारण निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। निलंबित प्रह्लाद सिंह उत्तरप्रदेश के मथुरा का रहने वाला है।

वहीं सेनानी डीआर आंचला ने अपने आदेश में कहा, सीआइएसओ कोर्स राजनांदगांव में पूर्ण करने के पश्चात 14 जून से 21 जून 2023 तक कोर्स ब्रेक उपभोग पश्चात सही समय पर आमद ना देकर अनुपस्थित होने के कारण 6 जून को आरक्षक प्रहलाद सिंह का वेतन रोकने के लिए आदेशित किया गया। जिसके बाद आरक्षक प्रहलाद सिंह 23 जून 2023 को वेतन चालू करने एवं पत्नी की डिलीवरी के लिए 8 दिवस साप्ताहिक अवकाश का आवेदन लेकर उपस्थित हुआ।

जिसमें डिलीवरी के संबंध में पूछने पर आरक्षक द्वारा पूर्व में तीन जीवित बच्चे लगातार बेटियां होने के कारण बेटे की चाह में अपनी पत्नी के गर्भ मे 8 माह का चौथा बच्‍चा का होना बताया है। जो शासकीय कर्मचारी में होने के बावजूद लड़के की चाह में वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का घोर उल्लंघन कर अनुशासनहीनता प्रदर्शीत किया गया एवं छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3.1 तीन, 3 क, ख, ग एवं 3 ख, क का घोर उल्लंघन करना पाया गया।

उल्लेखनीय है कि आरक्षक भर्ती आवेदन पत्र वर्ष 2010 के अनुसार दो से अधिक जीवित संतान नही होने चाहिए, अतः आरक्षक द्वारा किए गए उक्त अशोभनीय कृत्य के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि मे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

Related Articles

Back to top button