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रिश्वतखोर SP को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किया सेवा से बर्खास्त। एक खनन व्यापारी पर हर महीने 5 लाख देने का प्रेशर बनाया था जिस कारण खनन व्यापारी ने आत्महत्या कर ली थी।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट IPS मणिलाल पाटीदार का नाम हटा दिया गया। पाटीदार को भारतीय पुलिस सेवा से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बर्खास्त कर दिया। यूपी पुलिस की 2014 बैच के IPS अफसरों की सिविल लिस्ट से मणिलाल पाटीदार का नाम हटा दिया गया। है ये कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश शासन की भेजी गई रिपोर्ट के बाद की गई। महोबा के खनन व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की आत्महत्या के मामले में मणिलाल पाटीदार पर वसूली का आरोप था। इस कारण व्यापारी ने खुदकुशी कर ली थी। फिलहाल मणिलाल लखनऊ जेल में बंद है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश की विजिलेंस विंग ने केस दर्ज कर चार्जशीट भी दाखिल की है। मणिलाल पाटीदार सितंबर 2020 में महोबा जिले के SP थे। इस दौरान पत्थर की खदान के मालिक इंद्रकांत त्रिपाठी ने आत्महत्या की ली। पीपी पांडे इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक रहे नीतीश पांडे ने अपनी पुलिस शिकायत में पाटीदार पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के लिए कंकड़ की आपूर्ति करने की अपनी व्यावसायिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए त्रिपाठी से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के लिए कंकड़ की आपूर्ति करने की अपनी व्यावसायिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए त्रिपाठी से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें त्रिपाठी दावा कर रहे थे कि पाटीदार उन्हें अपना बिजनेस चलाने के लिए हर महीने 5 लाख रुपए देने के लिए मजबूर कर रहे थे। इसके बाद यूपी सतर्कता विभाग ने पाटीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया। साल तक फरार रहने के बाद पाटीदार ने 15 अक्टूबर, 2022 को कोर्ट आत्मसमर्पण किया था। हाल ही में लखनऊ की एक कोर्ट ने मणिलाल पाटीदार की जमानत भी अर्जी खारिज कर दी थी।

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