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पदोन्नति व पदस्थापना विवादों में कमिश्नर ने जब्त करवाए दस्तावेज

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में शिक्षकों की पदोन्नति के पश्चात पदस्थापना विवादों में घिरता जा रहा है। पदोन्नति की काउंसलिंग में सभी रिक्त पदों को सार्वजनिक नहीं करने तथा पदस्थापना के बाद संशोधन आदेश जारी करने के नाम पर बड़ी राशि वसूल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर शिखा सिंह राजपूत ने जांच शुरू करा दी है।डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है।कमेटी के सदस्यों ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में दो दिनों तक जांच पड़ताल के बाद पदोन्नति और पदस्थापना से संबंधित सारे दस्तावेज जप्त कर लिए हैं। जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है।जांच आरंभ होने से उन शिक्षकों में खलबली मची हुई है जिन्हें सेटिंग के आधार पर उनकी इच्छा के अनुरूप शासकीय स्कूल में नौकरी करने का अवसर मिल गया है।

राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सरगुजा संभाग में पिछले दिनों शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय के माध्यम से पूर्ण कराई गई थी इसके लिए बकायदा काउंसलिंग भी कराई गई थी। विषयवार पदोन्नति के योग्य शिक्षकों की सूची सार्वजनिक कर अलग-अलग तिथि पर उन्हें बुलाया गया था। काउंसलिंग के दौरान ही यह आरोप लगना शुरू हो गया था कि संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय द्वारा सभी विद्यालयों में रिक्त पदों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। ब्लॉक मुख्यालय के आसपास तथा मुख्य सड़कों के किनारे स्कूलों में रिक्त पदों को दबाकर दूरस्थ क्षेत्रों में रिक्त पदों की सूची जारी की गई है, इसके पीछे अधिकारियों का दावा था कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है इसलिए प्राथमिकता क्रम में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय की स्कूलों को रखा गया है। आरोप है कि काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापना के बाद संशोधन आदेश भी जारी किया गया इसके लिए सेटिंग के आधार पर लेन देन भी की गई।

कुछ शिक्षकों ने मामले की लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा कमिश्नर शिखा सिंह राजपूत ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय से हुए पदोन्नति और पदस्थापना प्रक्रिया की जांच कराने का आदेश दे दिया। इसके लिए डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित कर दी गई है। कमेटी के सदस्यों ने दो दिनों तक संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान कई दस्तावेज ऐसे मिले जिसमें पदस्थापना के बाद संशोधन की पुष्टि हो रही थी। जांच टीम ने कार्यालय से कई दस्तावेजों को जप्त कर लिया है बारीकी से एक-एक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारी जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आने की बात कह रहे हैं।

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