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बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार डुप्लीकेट ISI मार्का वाली 1800 पानी की बोतल व 10 हजार लेबल जब्त

रायपुर। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) द्वारा बुधवार को रायपुर में बिना लाइसेंस व डुप्लीकेट आइएसआइ मार्का लगाकार पानी बोतल बेच रहे संस्थान पर बड़ी कार्रवाई की गई। मानक ब्यूरो ने इस कार्रवाई में डुप्लीकेट आइएसआइ मार्का वाले 1800 पानी की बोतलें और 10 हजार लेबल जब्त किए है। बताया जा रहा है कि संस्थान का पूरा माल सीज कर दिया गया है।

भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार उनके अधिकारियों ने की टीम ने बुधवार को छोटापारा स्थित एमएस प्यूरीफाइड वाटर प्राइवेट लिमिटेड पर तलाशी व जब्ती की कार्रवाई की। इस दौरान संस्थान में बिना लाइसेंस व अवैध आइएसआइ निशान के साथ ब्लू स्काई एक्वा ब्रांड के साथ पानी की बोतलें बेची जा रही थी। जब्त पानी की बोतलों में 250 एमएल के साथ ही उससे छोटी बोतलें भी है। बीआइएस का कहना है कि इस प्रकार से गलत ढंग से कारोबार करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी हालत में क्वालिटी से समझौता नहीं किया जा सकता।

दो लाख तक हो सकता है जुर्माना

बीआइएस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपित संस्थान के संचालक पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अभी इसकी जांच की जा रही है कि संस्थान में ऐसे पानी की कितनी बोतलों की बिक्री हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यहां डुप्लीकेट आइएसआइ मार्का वाले पानी की बोतलें बेचे जाने की शिकायत आ रही थी और इस शिकायत के आधार पर कार्रवाई हुई।

खिलौनों पर भी आइएसआइ मार्का जरूरी

अब खिलौनों पर भी आइएसआइ मार्का जरूरी हो गया है। बच्चों को गुणवत्ता वाले खिलौने ही उपलब्ध हो सके,इसके लिए ही अब बाजार में चाइनीज खिलौनों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है और खिलौनों पर आइएसआइ मार्का जरूरी हो गया है। इसके चलते अब संस्थानों में भी भारतीय खिलौने ही ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध हो रहे है और उपभोक्ताओं की पहली पसंद भी भारतीय कंपनियों के खिलौने है। बताया जा रहा है कि खिलौनों के साथ ही 350 से अधिक ऐसे उत्पाद है जिन पर आइएसआइ मार्का अनिवार्य हो गया है। यह भी चेक किया जा रहा है कि खिलौना संस्थानों में पुराना स्टाक तो नहीं बचा है।

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