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मध्यप्रदेश

त्रिपुरा की पहली महिला लोको पायलट बन देबोलीना ने रचा इतिहास, कहा- ‘मेरा बचपन से ही ट्रेन चलाने का सपना था’

अगरतला: त्रिपुरा में अगरतला के रामनगर क्षेत्र की 28 वर्षीय इंजीनियरिंग स्नातक देबोलीना रॉय ने त्रिपुरा की पहली महिला लोको पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। देबोलीना ने बताया कि वह जल्द ही एक मालगाड़ी के लोको पायलट के रूप में अपना करियर शुरू करेंगी और फिर धीरे-धीरे सामान्य यात्री ट्रेनों के लोको पायलट के रूप में पदोन्नति प्राप्त करेंगी।

इसके बाद वह एक्सप्रेस ट्रेनों जैसे कि दुरंतो, जन शताब्दी और नयी शुरू की गई ‘वंदे भारत’ जैसी विशेष ट्रेनों को चलायेंगी। उन्हें भारतीय रेलवे ने पिछले सप्ताह सहायक पायलट नियुक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बचपन से ही ट्रेन चलाने का सपना था।

आखिरकार, मुझे खड़गपुर डिवीजन के तहत पूर्वी रेलवे में सहायक लोको पायलट के रूप में काम करने का अवसर मिल गया।  उन्होंने बताया कि दसवीं कक्षा के बाद उन्होंने त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। इसके बाद उन्होंने 2017 में कोलकाता के एक कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक किया। देबोलीना ने हाल ही में असिस्टेंट लोको पायलट की भर्ती के लिए ली गई परीक्षा में उत्तीर्ण किया था।

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