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मुंबई में कोविड के मामले पहुंचे एक हजार के पार

कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के दृष्टिगत बीएमसी ने अपनी डिस्पेंसरियों को निर्देश दिए हैं कि वे एहतियात बरतें और कोविड के लक्षणों वाले रोगियों का कोविड-19 परीक्षण करें। हालांकि ये दिशानिर्देश कागजों में ही रह गए और अभी तक इनका कार्यान्वयन शुरू नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डिस्पेंसरियों में कोविड परीक्षण किट ही उपलब्ध नहीं हैं।

शहर भर में 5 नागरिक औषधालयों का दौरा करने पर पाया कि उनमें से किसी के भी पास परीक्षण किट नहीं थी। बता दें कि इन डिस्पेंसरियों को डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान करने का टेंडर कृष्ण डायग्नोस्टिक को मिला है, लेकिन उन्होंने अभी तक डिस्पेंसरियों में कोविड किट उपलब्ध नहीं करवाई हैं।

कोविड मामले बढ़ने पर दी परीक्षण बढ़ाने की सलाह

फरवरी के मध्य से, शहर में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इस उछाल से शहर में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। इस बारे में केंद्र सरकार ने पहले ही पत्र लिखकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग को परीक्षण बढ़ाने के लिए कहा है। पिछले करीब एक माह से शहर में प्रतिदिन औसतन 1300 कोविड परीक्षण किए जा रहे हैं।

गुरुवार को नागरिक स्वास्थ्य विभाग ने सभी डिस्पेंसरियों को संदेश भेजा कि इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) के लक्षणों वाले लोगों की कोविड जांच होनी चाहिए, लेकिन कमाल यह है कि डिस्पेंसरियों में कोविड जांच किट ही उपलब्ध नहीं हैं। आश्चर्यजनक रूप से परिधीय अस्पतालों में भी रैपिड टेस्टिंग किट नहीं हैं और वे वर्तमान में स्वैब लेकर परीक्षण के लिए इन्हें कस्तूरबा अस्पताल भेज रहे हैं।

जल्द दूर होगी किट्स की किल्लत

बीएमसी कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मंगला गोमारे से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि डिस्पेंसरियों को कोविड परीक्षण करने के लिए कहा गया है। डिस्पेंसरियों को जल्द ही परीक्षण किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी। अगले 2 से 3 दिनों में परीक्षण शुरू हो जाएंगे।

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