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खूंखार आतंकवादी पीर की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या, हिजबुल चीफ का करीबी था आंतकी

इस्लामाबाद । भारत काफी समय से एक खूंखार आतंकवादी की तलाश में था, जिसके बारे में पता चल रहा है कि उस आंतकी को पाकिस्तान में ही किसी ने मार डाला है। हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर बशीर अहमद पीर उर्फ ​​इम्तियाज आलम की रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पीर ने जम्मू-कश्मीर में घुसकर बहुत आतंक मचाया था। कई बड़े आतंकी हमलों में भी बशीर का हाथ था। भारत सरकार ने इस आतंकी को मोस्ट वांटेड लिस्ट में डाल दिया था और खुफिया एंजेंसियां इसकी तलाश में थी। कुपवाड़ा जिले के बाबापोरा, अलोसा गांव का रहने वाला पीर एक कट्टर आतंकवादी कमांडर था, जिसने दो दशक पहले अपना ठिकाना पाकिस्तान में स्थानांतरित कर लिया था। आंतकी पीर को हिजबुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन का करीबी माना जाता था। पाकिस्तान में पनाह के कारण अभी तक ये जिंदा था लेकिन अब पाकिस्तान में हालात ठीक नहीं हैं। गृह युद्ध जैसी स्थिति बनती जा रही हैं। सरकार के पास देश चलाने के लिए पैसा नहीं हैं। तालिबानी आतंकी जगह-जगह पर हमला कर रहे हैं, पेशावर में नमाज के दौरान अतंकी हमला हुआ था जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख और नामित आतंकवादी सलाहुद्दीन को पाकिस्तान के रावलपिंडी में पीर उर्फ इम्तियाज आलम के जनाजे की नमाज पढ़ते हुए देखा गया। बशीर अहमद आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का स्वयंभू कमांडर था। सोमवार को रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। गौरतलब हो कि बशीर अहमद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले थे। हालाँकि वह 15 से अधिक वर्षों से पाकिस्तान में रह रहा था।
रिपोर्टों में कहा गया है, कि अज्ञात हमलावरों ने रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर पॉइंट ब्लैंक रेंज से हिजबुल कमांडर की गोली मारकर हत्या कर दी। पीर नियंत्रण रेखा के जरिए जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ पर नजर रखता था। भारत ने आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत 4 अक्टूबर, 2022 को अब मारे गए हिजबुल कमांडर को आतंकवादी घोषित किया।

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