ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए 12 चीतें

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों की दूसरी खेप को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा। बता दें कि भारत में पिछले सात दशक से विलुप्त चीतों को पुन: बसाने की योजना ‘‘चीता प्रोजेक्ट” के तहत भारतीय वायुसेना के विमान से दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को शनिवार को कुनो नेशनल पार्क (केएनपी) लाया गया। वायुसेना का विमान चीतों को लेकर सुबह करीब दस बजे ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतरा, जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से कूनो लाया गया। चीतों को लेकर हेलिकॉप्टर दोपहर के करीब कूनो पहुंचा

इससे पहले पिछले साल सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केएनपी में एक समारोह में नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के पहले जत्थे को बाड़ों में छोड़ा था। शनिवार को लाए गए 12 चीतों जिनमें आठ नर और पांच मादा चीते शामिल हैं, इनको मिलाकर केएनपी में अब कुल 20 चीते हो गए हैं।

परियोजना से जुड़े एक विशेषज्ञ ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग स्थित ओआर टांबो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से ये चीते शुक्रवार शाम को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से रवाना होकर शनिवार सुबह को ग्वालियर हवाई पट्टी पर उतरे। उसके बाद उन्हें लकड़ी के बक्सों में हेलीकॉप्टरों के जरिए 165 किलोमीटर दूर केएनपी लाया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव उन्हें केएनपी में अलग-अलग बाड़ों में छोड़ा।

 

Related Articles

Back to top button