ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
मुख्य समाचार

गुरु और शिष्य का प्रेम संबंध ही संसार में सत्य है।

संसार में बहुत प्रकार के फूल है सबसे श्रेष्ठ फूल कमल का है। इसी प्रकार संसार में कई प्रेम है किंतु उत्तम प्रेम गुरु और शिष्य का है। जैसे मछली का प्रेम पानी से है, चकोर का चांद से है, पतंगे का शमा से है, पपीहे का स्वाति बूंद से है, चकवी का सूरज से है। सभी का प्रेम एक तरफा़ है जैसे मछली पानी के बिना नहीं रह सकती पर क्या पानी भी मछली से उतना ही प्रेम करता है। नहीं अगर ऐसा होता तो अब तक जितनी मछलियों का लोग भोजन बना चुके हैं उनके वियोग में संसार के सारे समुद्र सूख गए होते, पर ऐसा नहीं है। अगर चांद चकोर से सूरज चकवी से उतना ही प्रेम करता है, तो वह कभी छिपते नहीं। शमा पतंगे से प्रेम करती तो वह कभी पतंगे की जान नहीं लेती, क्योंकि प्रेम में जान नहीं ली जाती। इसी प्रकार आप संसार में भी किसी से प्रेम करते हैं तो वह प्रेम अधिकतर स्वार्थवश होता है। जब स्वार्थपूर्ण हो जाता है तो प्रेम भी खत्म हो जाता है। मोह एक ऐसा भंवर है जिसमें एक इंसान जब फंस जाता है तो फंसता ही चला जाता है। मोह में फंसकर इंसान का विवेक खत्म हो जाता है। दूसरी तरफ गुरु और शिष्य के प्रेम का पात्र ही नहीं संसार के लिए श्रद्धा का पात्र बन जाता है और इतिहास में उसका नाम अमर हो जाता है। संसार के मोह से ऊपर उठकर आध्यात्मिक प्रेम की ओर बढऩा चाहिए। जब आप अध्यात्म के पथ पर चलेंगे तो आप के दुख स्वत: सुख से परिवर्तन हो जाएंगे। और गुरु शिष्य को जब तक नहीं छोड़ता तब तक उसका इस नश्वर संसार में कल्याण नहीं करा देता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button