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मध्यप्रदेश

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी और उसकी मां को उम्रकैद, मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रिपा जैन ने की

सागर: शिकायत के आधार पर बालिका की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गईनाबालिग को बहला फुसलाकर साथ ले जाने तथा उससे दुष्कर्म के आराेपी और उसकी मां काे काेर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर-सत्र एवं विशेष न्यायाधीश नीलम शुक्ला की अदालत ने धारा 366, 120 बी, 376(2)(एन) सहपठित धारा 3(2)(5) एससी/ एसटी एक्ट के तहत सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रिपा जैन ने की। पीड़ित बालिका के पिता ने बीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आराेपी ने उसकी बेटी से जान पहचान बढ़ाई और उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया है।शिकायत के आधार पर बालिका की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के दौरान बालिका को दस्तयाब कर उसके कथन लिए गए। आराेपी उसे शादी का झांसा देकर भगा ले गया था। उसने अपनी मां के घर पर 20 दिन तक रखा। अपराध में आराेपी की मां की सहमति रही। कई बार दुष्कर्म व मारपीट की गई। जिस पर आराेपियाें के खिलाफ केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता के आयु संबंधी दस्तावेज देखे गए। अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के दौरान पीड़िता द्वारा विरोधाभाषी कथन दिए गए। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया। अंतिम तर्क के दौरान न्याय दृष्टांत प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। प्रकरण में पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में चार लाख रुपए प्रतिकर राशि दिलाए जाने का आदेश दिया है।

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