ब्रेकिंग
मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष...
छत्तीसगढ़

कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट देने के लिए मांगी थी घूस; ACB ने रंगे हाथों किया था गिरफ्तार

कोरबा: कोरबा जिले में जेल प्रहरी धीरेंद्र परिहार को स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन ने 4 साल जेल की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट देने के एवज में उसने परिजनों से 50 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की थी। जिसमें से 10 हजार रुपए लेते हुए ACB की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था।घटना 2019 की है, तब जेल प्रहरी धीरेंद्र परिहार की पोस्टिंग कोरबा जिले की उपजेल कटघोरा में थी। वहां शंकर लाल रजक नाम का शख्स धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद था। जानकारी के मुताबिक, ठगी के आरोप में कटघोरा उप जेल में निरुद्ध शंकलाल रजक की आए दिन उप जेल में पिटाई हो रही थी और उसे जेल मैन्युअल के अनुरूप खाना भी नहीं मिल रहा था। शंकरलाल रजक ने यह बात अपनी पत्नी रोहिणी को बताई थी। इसके बाद पत्नी ने उप जेल के जेल प्रहरी धीरेंद्र सिंह परिहार से मुलाकात की थी।जेल प्रहरी ने उसके पति की पिटाई नहीं करने और जेल मैन्युअल के अनुसार खाना और सामान्य कैदी को मिलने वाली सुविधा देने के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसमें से पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए देना तय हुआ था। पत्नी ने जेल प्रहरी की शिकायत ACB (Anti Curroption Bureau) से कर दी थी।जेल प्रहरी धीरेंद्र सिंह परिहार।इसके बाद एसीबी की टीम ने महिला को 10 हजार रुपए दिए जेल कर्मचारी धीरेंद्र परिहार को देने को कहा। जैसे ही महिला ने कर्मचारी को रिश्वत दी, एसीबी की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। सहायक लोक अभियोजक रोहित राजवाड़े ने बताया कि धीरेंद्र परिहार को 4 साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है और उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

Related Articles

Back to top button