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3 साल पहले अमेरिका से डिर्पोट होकर आया आरोपी भूपेन्द्र, रविवार शाम 6 बजे हुआ अंतिम संस्कार

करनाल: जाणी गांव के सरपंच प्रतिनिधि के हत्याकांड के आरोपी अभी पुलिस की पहुंच से दूर है। पुलिस का दावा है कि वह आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश में जुटी हुई है। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 टीमें गठित की है। जो आसपास के शहरों में अब उनकी तलाश कर रही है।बतादें के शनिवार सुबह गांव जाणी में गांव के एक आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भूपी ने अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर की गाड़ी पर ताबडतोड़ फारिंग की थी। जिसमें 6 गोलियां सुखबीर को लगी थी। 4 गोलियां उसके शरीर अंदर थी। जबकि दो गोलियां उसकी बाजू व कंदे पर लगने के बाद आर पार हो गई थी। सुखबीर की सोमवार अल सुबह चंडीगढ़ के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद करनाल पुलिस शव को करनाल लेकर आई थी। दोपहर बाद सुखबीर के शव का कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवा शाम को परिजनों को सौंप दिया था। शाम करीब 6 बजे गांव के शमशान घाट में ही पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया गया।पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े परिजनों की फाइल फोटो।किसी बात को लेकर करीब डेढ़ साल भूपेन्द्र की थी पिटाईगांव से मिली जानकारी के अनुसार करीब अढ़ाई से तीन साल पहले आरोपी भूपेन्द्र अमेरिका से डिर्पोट होकर अपने गांव वापस आया था। गांव में आने के बाद डेढ़ साल पहले ही भूपेन्द्र की सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर के परिवार के लोगों के साथ किसी बात कहा सुनी हो गई थी। सूत्रों की माने तो उस दौरान सरपंच प्रतिनिधी के परिवार के सदस्यों ने भूपेन्द्र को पीटा भी गया था। उसको लेकर आरोपी भूपेन्द्र सुखबीर को लेकर खार खाए बैठा था और मौके की तलाश में था। शनिवार को जब सुखबीर खेतों में बनाए अपने ढेरे से गांव की तरफ आ रहा था तो आरोपी ने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।8 माह पहले आरोपी ने छोड़ दिया था गांवजानकारी के अनुसार जब गांव में भूपेन्द्र का सुखबीर के भतीजे के साथ जब झगड़ा हुआ थो तो आरोपी कुछ माह बाद गांव से अपनी को लेकर चला गया गया था। आरोपी पिछले करीब 8 माह से अपनी के साथ करनाल में ही रह रहा था। आरोपी के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। आरोपी का एक बड़ा भाई और बहन है। बड़ा भाई कई साल से अमेरिका में है। यह भी तीन साल पहले अमेरिका गया था। लेकिन वहां से आरोपी को डिपोर्ट कर दिया गया था।पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक सुखबीर के परिजन।तीन बच्चों के सिर उठाया पिता का साया​​​​​​​जानकारी के अनुसार सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर की उम्र करीब 40 साल थी। जिसके तीन बच्चे है। सुखबीर के पास दो लड़कियां व एक लड़का है। सबसे छोटा लड़का है जिसकी उम्र करीब 5 साल है जबकि दो लड़कियां बड़ी है जिनकी उम्र 12 व 10 साल है। आरोपी भूपेन्द्र ने सुखबीर की हत्याकर तीनों बच्चों के सिर से बचपन में ही पिता का साया छिन लिया।वर्जनSP गंगा राम पूनिया ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए 5 टीमें गठित की गई है। जो आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा। पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। भूपेन्द्र के गिरफ्तार होने के बाद पता चल पाएगा कि उसके साथ गाड़ी में अन्य तीन आरोपी कौन थे और क्यों उसने इस वारदात को आंजाम दिया।

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