ब्रेकिंग
मुरैना में लापरवाही की हद: कृष्णा हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर हंगामा, सीएमएचओ की खामोशी पर उठे सवाल मुरैना जनता तैरती रही पानी में, 'वीआईपी साहब' बैठे रहे साइकिल की सवारी पर! आपदा में संवेदनाएं हुईं त... मुरैना में 5 लाख के लेनदेन को लेकर रिश्तेदारों में खूनी संघर्ष, चली ताबड़तोड़ गोलियां; 3 घायल मुरैना के नायकपुरा में चोरों का धावा: तीन सगे भाइयों के घरों से जेवरात और नकदी चोरी मुरैना सिविल लाईन थाना: तेज रफ्तार जेसीबी और वाहन चालकों की टक्कर से कई घायल नगरा थाना: मारपीट व अवैध शराब का प्रकरण दर्ज, चंबल नदी में डूबने से दो की मौत कैलारस थाना: घर के सामने मारपीट और कुल्हाड़ी से हमले का मामला सामने आया जमीनी नेता, कर्मठ कार्यकर्ता - भाजपा के सच्चे सिपाही राघवेंद्र उपाध्याय देवगढ़ थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराधों के खिलाफ पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार 'नीटू भैया' का फूटा... मुरैना: चंबल नदी में नहाते समय डूबे पिता-पुत्र, पिता का शव बरामद, बेटे की तलाश जारी
मुख्य समाचार

मुरैना में लापरवाही की हद: कृष्णा हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर हंगामा, सीएमएचओ की खामोशी पर उठे सवाल

​मुरैना: जिले में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और झोलाछाप संस्कृति जैसी कार्यशैली अब आम मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है। शहर के जाने-माने डॉक्टर केके गुप्ता के कृष्णा हॉस्पिटल में एक बार फिर इलाज के नाम पर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बुखार से पीड़ित एक मरीज को डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ​घटना के मुताबिक, ग्राम जारौनी निवासी रामदीन (देवीराम) कुशवाह को परिजन दोपहर करीब 12 बजे कृष्णा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि डॉक्टर का इंजेक्शन लगते ही मरीज की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ गई। जब हालत गंभीर हुई, तो अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय आनन-फानन में मरीज को सरकारी अस्पताल रेफर करने का ड्रामा शुरू कर दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मरीज की सांसें थम गईं। ​अपनों को खोने के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और मिल एरिया रोड पर चक्काजाम कर न्याय की मांग की। ​सीएमएचओ की नाकामी पर बड़ा सवाल: शहर में धड़ल्ले से संचालित हो रहे इन निजी अस्पतालों और झोलाछाप नर्सिंग होमों पर स्वास्थ्य विभाग की कृपालु निगाहें हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय शहर के इन मनमाने अस्पतालों की कारगुजारियों पर आंखें मूंदकर बैठा हुआ है। आखिर कब तक जिम्मेदार अधिकारी कागजी खानापूर्ति कर आम जनता की जान से खिलवाड़ होने देंगे? क्या अब किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? ​क्या इस मामले में जिला प्रशासन और सीएमएचओ दोषियों पर कोई ठोस आपराधिक कार्रवाई करेंगे?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button