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मुरैना में लापरवाही की हद: कृष्णा हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर हंगामा, सीएमएचओ की खामोशी पर उठे सवाल
मुरैना: जिले में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और झोलाछाप संस्कृति जैसी कार्यशैली अब आम मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है। शहर के जाने-माने डॉक्टर केके गुप्ता के कृष्णा हॉस्पिटल में एक बार फिर इलाज के नाम पर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बुखार से पीड़ित एक मरीज को डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के मुताबिक, ग्राम जारौनी निवासी रामदीन (देवीराम) कुशवाह को परिजन दोपहर करीब 12 बजे कृष्णा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि डॉक्टर का इंजेक्शन लगते ही मरीज की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ गई। जब हालत गंभीर हुई, तो अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय आनन-फानन में मरीज को सरकारी अस्पताल रेफर करने का ड्रामा शुरू कर दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मरीज की सांसें थम गईं। अपनों को खोने के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और मिल एरिया रोड पर चक्काजाम कर न्याय की मांग की। सीएमएचओ की नाकामी पर बड़ा सवाल: शहर में धड़ल्ले से संचालित हो रहे इन निजी अस्पतालों और झोलाछाप नर्सिंग होमों पर स्वास्थ्य विभाग की कृपालु निगाहें हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय शहर के इन मनमाने अस्पतालों की कारगुजारियों पर आंखें मूंदकर बैठा हुआ है। आखिर कब तक जिम्मेदार अधिकारी कागजी खानापूर्ति कर आम जनता की जान से खिलवाड़ होने देंगे? क्या अब किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? क्या इस मामले में जिला प्रशासन और सीएमएचओ दोषियों पर कोई ठोस आपराधिक कार्रवाई करेंगे?


