ब्रेकिंग
मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष...
मुख्य समाचार

पंचायत सचिवों पर मोहन सरकार मेहरबान, 7 माह में तीसरा बड़ा फैसला, अब मिलेगा ये लाभ ।

भोपाल: सरकारी सेवक की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय किया है. अनुकंपा नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने नियमों पर बड़ा बदलाव किया है पंचायत सचिव के परिजनों को भी अब सामान्य कर्मचारियों के समान 7 साल तक अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नवंबर 2017 में जारी की गई अनुकंपा नियुक्ति के पात्रता संबंधी नियमों में बदलाव किया है. ऐसे में यदि किसी पंचायत सचिव की असमय मृत्यु होने पर उसके आश्रित को 7 साल की समय सीमा में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा. इसके पहले तक 3 साल की समय सीमा निर्धारित थी. अनुकंपा नियुक्ति की समय सीमा में बढ़ोत्तरी होने से आश्रित शिक्षा ग्रहण कर सकेगा. लंबे समय से उठा रही थी मांग त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था की सबसे छोटी इकाई पंचायत में पदस्थ होने वाले सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने के मामले में लगातार सरकार द्वारा कदम उठाया जा रहा है. मार्च 2024 में प्रदेश की मोहन सरकार ने पंचायत सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के नियमों को सरल करने का फैसला किया था. विधानसभा चुनाव के दौरान बुलाई गई पंचायत में बीजेपी द्वारा इसका ऐलान किया गया था. अनुकंपा नियुक्ति का फैसला लेने के बाद सचिवों ने मांग उठाई थी कि दूसरे जिले में भी अनुकंपा दी जाए. इसके बाद राज्य सरकार ने ऐलान किया कि पंचायत सचिव के आश्रित को पास के जिलों में भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा. कई मामलों में संबंधित जिले में पद खाली न होने से समस्या आ रही थी. इसके लिए सरकार ने पंचायत अधिनियम के नियम 5 के 5 क जोड़कर इसमें संशोधन किया था. मोहन यादव सरकार ने पंचायत सचिवों को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला किया है. अब पंचायत सचिवों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिए जाने की समय सीमा बढ़ा दी गई है. ऐसी स्थिति में आश्रित बालिग नहीं है या फिर निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं है तो 7 साल के दौरान पढ़ाई कर सकेगा. इसके लिए पंचायत अधिनियम के नियम 5 क में प्रावधान किया गया है कि जिस जिले में पंचायत सचिव पदस्थ है, वहां की ग्राम पंचायतों में सचिव का पद खाली नहीं है तो परिजनों को अन्य जिलों में पंचायत सचिव के रिक्त पद पर नियुक्ति की जाएगी. इसके बाद उसे अनुकंपा का लाभ दिया जाएगा. उधर पंचायत सचिव संगठन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button