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किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर CBI का छापा।

नई दिल्ली. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) वर्तमान में किरू हाइड्रो परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में तीस स्थानों पर छापेमारी कर रही है, जिनमें से दस दिल्ली, राजस्थान में हैं. ये स्थान सत्यपाल मलिक के पूर्व प्रेस सलाहकार, जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल, तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य के हैं. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को 30 से अधिक ठिकानों पर रेड की है, जिनमें जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का घर भी शामिल है. जम्मू के रामबन इलाके में बुधवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ. 270 किमी लंबे जम्मू-श्रीनगर हाईवे में कई जगहों पर लैंडस्लाइड की वजह से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आकर गिर गए. इसके चलते सैकड़ों वाहन सड़क पर फंस गए. सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आरोप लगाया था कि उन्हें किश्तवाड़ में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से संबंधित दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी. हालांकि, ये पहला मौका नहीं है, जब सीबीआई ने किरू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट मामले में छापेमारी की है. पिछले साल मई में भी सीबीआई ने इसी केस में 12 जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें सत्यपाल मलिक के पूर्व सहयोगी का घर भी शामिल था. जांच एजेंसी ने सौनक बाली के यहां छापेमारी की थी, जो सत्यपाल मलिक का मीडिया एडवाइजर था. सत्यपाल मलिक ने 1974 में बागपत से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. 1980 में वह लोकदल से संसद के उच्च सदन राज्यसभा पहुंचे. 2004 में बीजेपी का हिस्सा बने और चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा. 2012 में वह बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए और फिर उन्हें 4 राज्यों के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई.

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