ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
धार्मिक

गुरु पुष्य नक्षत्र में जरूर करें ये खास उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी

इंदौर।  ज्योतिष शास्त्र में गुरु पुष्य नक्षत्र को शुभ माना जाता है। इस महीने 29 दिसंबर को साल का आखिरी गुरु पुष्य योग बनेगा। कहा जाता है कि इस शुभ दिन पर लोग विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही इस दिन कई लोग खरीदारी और नए काम की शुरुआत करते हैं। आइए, जाने इस दौरान किए जाने वाले कौन-से उपाय शुभ फल देते हैं।

बेहद लाभकारी है गुरु पुष्य योग

  • इस दिन कोई भी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य शुरू कर सकते हैं।
  • इस दिन आप कोई नया वाहन खरीद सकते हैं।
  • इस शुभ दिन पर सोना और अन्य आभूषण खरीदना लाभकारी माना जाता है।
  • गुरु पुष्य योग में नया व्यवसाय शुरू करना शुभ होता है।
  • इस दिन जमीन, संपत्ति और मकान खरीदना भी शुभ माना जाता है।
  • यह दिन गृह प्रवेश के लिए भी उत्तम माना जाता है।

गुरु पुष्य योग पर करें ये उपाय

  • इस नक्षत्र में पीला नीलम धारण करना उत्तम माना जाता है।
  • इस दिन सत्यनारायण पूजा और हवन करना चाहिए।
  • इस खास दिन पर लोग श्री यंत्र पूजा और लक्ष्मी पूजा भी करते हैं।
  • इस दिन मंदिर में जाकर केले के नीचे जल, चने की दाल और गुड़ चढ़ाना चाहिए।

गुरु पुष्य योग पर करें इन मंत्रों का जाप

ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।

लक्ष्मी नारायण नम:।

पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्।

ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button