ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
मध्यप्रदेश

कानपुर से भागकर आए दो बालकों को बाल गृह भेजा

ग्वालियर । रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने घरवालों को बिता बनाए कानपुर से भागकर आए दो बालकों को दीनदयाल नगर स्थित बाल गृह के सुपुर्द किया। इनमें से एक बालक स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक दो पर घूमता हुआ पाया गया था, तो दूसरा बालक शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में परेशान हालत में मिला था।

घर से भाग कर आए थे नाबालिग

आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 3:50 बजे झांसी स्थित कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि भोपाल से हजरत निजामुद्दीन जा रही भोपाल एक्सप्रेस के कोच एस-1 में बर्थ नंबर 63 पर घर से भागकर आया एक नाबालिग सफर कर रहा है। ट्रेन को ग्वालियर में अटैंड कर बच्चे को उतारा गया। बातचीत में उसने अपने पिता का नाम जितेंद्र गौतम निवासी कानपुर स्टेशन के पास बताया। उसने बताया कि वह घरवालों को बिना बताए अपने दोस्तों के साथ भोपाल घूमने गया था। भोपाल में उसके दोस्त उसे छोड़कर चले गए। वह कानपुर जाने की ट्रेन में बैठना चाहता था, लेकिन गलती से भोपाल एक्सप्रेस में सवार हो गया। इसके बाद आरपीएफ के जवानों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को फोन लगाकर मामले से अवगत कराया और बालक को दीनदयाल नगर स्थित बाल गृह भेज दिया। दूसरी तरफ स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक दो पर शनिवार शाम साढ़े पांच बजे के आसपास एक 11 वर्षीय बालक घूमता हुआ मिला। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसके माता-पिता कानपुर में मजदूरी करते हैं। वह अपने घर पर बिना बताए काम की तलाश में मुंबई जाना चाहता है। इसके बाद इस बालक को भी बाल गृह भेज दिया गया है। अब इन बालकों के परिवारों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button