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Kartik Purnima 2023: कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को, इस दिन भगवान शिव ने किया था त्रिपुरासुर का वध, जानें पूजा का मुहूर्त

इंदौर। सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ जप और दान का करना शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इन दिन 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी और इससे एक दिन पहले देव दीपावली की पूजा की जाएगी। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, इस साल कार्तिक पूर्णिमा तिथि पर दुर्लभ शिव योग के साथ सिद्ध योग भी निर्मित हो रहा है। ऐसे में शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का किया था वध

पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा तिथि को हो त्रिपुरासुर नाम के असुर का वध किया था। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली भी मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस बार कार्तिक पूर्णिमा 26 नवंबर को शाम 03.53 मिनट से शुरू होगी और 27 नवंबर को 02.45 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को मनाई जाएगी।

शिव योग और सिद्ध योग

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार दुर्लभ शिव योग निर्मित हो रहा है। इसका समय देर रात 11.39 तक है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान यदि भगवान शिव की आराधना की जाती है तो सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। वहीं कार्तिक पूर्णिमा तिथि को शिव योग के बाद सिद्ध योग भी निर्मित हो रहा है।

डिसक्लेमर

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