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‘मैं बिल के समर्थन में, पर OBC समुदाय की महिलाओं को मिले कोटा’…महिला आरक्षण विधेयक चर्चा पर बोलीं सोनिया गांधी

लोकसभा में मंगलवार को महिला आरक्षण बिल पेश किया था, वहीं बुधवार को इस बील पर चर्चा करते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मैं विधेयक के समर्थन में खड़ी हुई हूं। सोनिया गांधी ने कहा कि महिलाओं के धैर्य की सीमा का अनुमान लगाना कठिन है, वे कभी आराम करने के बारे में नहीं सोचतीं। साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि बिल में ओबीसी समुदाय की महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि SC, ST, OBC के लिए उप-कोटा के साथ महिला आरक्षण विधेयक तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस बिल का महिलाओं को लंबे समय से इंतजार था, महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में कोई भी देरी भारतीय महिलाओं के साथ घोर अन्याय होगा। उन्होंने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के प्रावधान वाले ‘संविधान (एक सौ अट्ठाईसवां संशोधन) विधेयक, 2023′ का समर्थन किया और यह भी कहा कि जाति जनगणना करा कर इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद किया और कहा कि इस महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से उनके दिवंगत पति का अधूरा सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 13 वर्षों से महिलाएं अपनी राजनीतिक भागीदारी का इंतजार कर रही हैं, अब कुछ और वर्ष तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है…क्या यह बर्ताव उचित है?”

सोनिया गांधी ने कहा कि इस विधेयक को फौरन अमल में जाया जाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया, ‘‘जाति जनगणना कराकर एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जो कदम उठाना जरूरी है, उसे उठाना चाहिए।” सोनिया गांधी का कहना था कि इस विधेयक को लागू करने में देरी करना भारत की स्त्रियों के साथ घोर नाइंसाफी है। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी मांग है कि इस विधेयक के रास्ते के रुकावटों को दूर करते हुए जल्दी से जल्दी से लागू किया जाए। ” बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को नारी शक्ति वंदन विधेयक संविधान संशोधन नाम दिया है।

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