ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
मध्यप्रदेश

सुदर्शन चक्र कोर ने बड़ी झील पर किया बाढ़ राहत कार्य का अभ्यास

भोपाल। भारतीय सेना न सिर्फ हमारे देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों में भी सबसे आगे रहती है। राष्ट्र निर्माण की भावना को ध्यान में रखते हुए, सुदर्शन चक्र कोर की इकाइयों द्वारा बुधवार को वाटरमैनशिप ट्रेनिंग सेंटर (सेलिंग नोड) ने खानूगांव के पास बड़ी झील भोपाल में बाढ़ राहत कार्य का अभ्यास किया। आपातकाल के समय कैसे लोगों का बचाव किया जाता है और उन्‍हें राहत दी जा सकती है, इसका बखूबी प्रदर्शन किया गया। सेना की ओर से हर साल बाढ़ राहत कार्य से निपटने के लिए अभ्यास किया जाता है, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति से निपटा जा सके।

सेना के कमांडरों ने भाग लिया

बाढ़ राहत कार्य पूर्वाभ्यास में इंजीनियर रेजिमेंट टास्क फोर्स और सेना के कमांडरों ने भाग लिया, जो नागरिक प्राधिकरण की सहायता के हिस्से के रूप में बाढ़ राहत कार्यों के दौरान राज्य में कार्यरत रहते हैं। इस अभ्यास में आर्मी एविएशन विंग के हेलीकाप्टर भी शामिल थे, जो बचाव कार्य और संसाधनों की आवश्यक आपूर्ति को प्रदर्शित कर रहे थे। इसके अलावा एसडीईआरएफ (राज्य आपदा आपातकालीन राहत बल) और एनडीआरएफ जैसी एजेंसियों ने भी बाढ़ पीड़ितों को समय पर बचाव और राहत प्रदान करने में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। अभ्यास में योजना, तैयारी, मांग, नागरिक प्रशासन के साथ संपर्क, राहत स्तंभ द्वारा निष्पादन और संचालन के बाद किए जाने वाले कार्यों पर एक व्याख्यान शामिल था। यह प्रदर्शन इंजीनियर टास्क फोर्स, आर्मी कालम, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ द्वारा किया गया था। इसमें बाढ़ राहत कार्यों के दौरान उपयोग किए जाने वाले विभिन्न उपकरणों का प्रदर्शन भी शामिल था।

Related Articles

Back to top button