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शपथ पत्र के साथ 17 मतांतरितों ने मूल सनातन धर्म में की वापसी

जशपुरनगर। आदिवासियों का संगठन जनजातिय सुरक्षा मंच ने शपथ पत्र के साथ एक परिवार के 17 मतांतरितों को सनातन धर्म में वापस लाया है। मूल धर्म वापसी के लिए आदिवासी परम्परा जात भीतर की प्रक्रिया का पालन किया गया। जशपुर जिले के बगीचा के कुरडेग गांव में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत के नेतृत्व में तीन परिवार के 17 मतांतरितों ने कानूनी शपथ पत्र देते हुए मूल धर्म में वापस आने की पहल की है।

इन मतांतरितों को जनजातिय सुरक्षा मंच ने आदिवासी परम्परा के अनुसार सनातन धर्म मे वापस कराया है। मूल धर्म में वापसी की प्रक्रिया के बाद सामाजिक भोज का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में सनातन धर्म के अनुयायी शामिल हुए। पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा असली परम्परा सनातन धर्म ही है। इसे छोड़ कर आदिवासी चंगाई जैसे प्रपंच में फंस कर मूल धर्म को छोड़ रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि जनजातिय बाहुल्य जशपुर जिले में मतांतरण रोकने और मतांतरितों को वापस मूल धर्म में लाने के लिए दो बड़े अभियान का संचालन किया जा रहा है। इनमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा के नेता दिलीप सिंह जूदेव द्वारा शुरू किया गया घर वापसी अभियान और आदिवासी नेता पूर्व मंत्री गणेश राम भगत के नेतृत्व में जनजातिय सुरक्षा मंच द्वारा चलाया जा रहा जात भीतर कार्यक्रम शामिल है। घर वापसी अभियान में जहां पैर धो कर,मतांतरितों की घर वापसी कराई जाती है,वहीं जात भीतर में बैगा की उपस्थिति में जनजातिय परम्परा व रीति से पूजा पाठ व सामाजिक भोज का आयोजन कर,मूल सनातन धर्म में वापसी कराई जाती है।

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