ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
देश

गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में ईडी कार्यालय से दो लोग गिरफ्तार  

मुंबई। गोपनीय जानकारी साझा करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने (ईडी) अपने मुंबई कार्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। उन पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप है। ईडी को इस बात का सबूत मिला है कि ये दोनों कर्मचारी पुणे के बिजनेसमैन और सेवा विकास को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व डायरेक्टर अमर मूलचंदानी के संपर्क में थे और उसके जरिए उन्हें कुछ बेहद अहम जानकारियां शेयर कर रहे थे. इस मामले में ईडी के दोनों कर्मचारियों के अलावा अमर मूलचंदानी के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि इस साल जनवरी महीने में ईडी ने पुणे से सटे पिंपरी चिंचवड़ इलाके में सेवा विकास को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व डायरेक्टर अमर मूलचंदानी समेत कुछ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की थी. उनके ठिकानों पर छापेमारियां की गई थीं. फर्जी कागजात के आधार पर अपने चहेतों को अनाप-शनाप तरीके से बैंक की ओर से कर्ज बांटा गया था और बदले में अमर मूलचंदानी और उनसे मिले हुए डायरेक्टरों ने अपनी जेबें भरी थीं. इस तरह कुल 400 करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया गया था. इस मामले में मूलचंदानी समेत पांच लोगों को ईडी द्वारा भी किया गया था. कुछ समय पहले मूलचंदानी जमानत पर बाहर आ गए. एक बार फिर ईडी की ओर से उनपर कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही थी. ऐसे में ईडी को यह जानकारी मिली थी कि उन्होंने सबूत गायब करने के लिए ईडी के मुंबई ऑफिस के इन दो कर्मचारियों को लालच देकर उनसे कुछ फाइलें लीक करवा रहे थे और अपने खिलाफ चल रही जांच से जुड़े अपडेट्स हासिल कर रहे थे. इस बात की भनक ईडी अधिकारियों को लग गई कि ये दोनों कर्मचारी अमर मूलचंदानी के ड्राइवर के संपर्क में हैं. इसके बाद उन दोनों पर नजरें रखी जाने लगीं. जब इस बात के पक्के सबूत मिल गए कि इन दोनों ने कुछ दस्तावेज मूलचंदानी को बेच डाले हैं तो ईडी ने इनके खिलाफ कार्रवाई की और इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों के अलावा मूलचंदानी के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया है और उनसे  पूछताछ की जा रही है.

Related Articles

Back to top button