ब्रेकिंग
मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष...
विदेश

तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका से कई गुना आगे निकल चुका हैं चीन 

बीजिंग । विस्तारवादी नीति वाला चीन अब तेजी से तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है। हाल ही में जारी में एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है, कि तकनीक के मामले में चीन ने पश्चिम की कई लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस तरह चीन ने भविष्य की ऐसी तकनीकों के लिए भी खुद को तैयार किया है, जो अभी अस्तित्व में ही नहीं हैं।

ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में खुलासा हुआ है, कि चीन ने 44 अहम तकनीकों में से 37 में आगे है। इतना ही नहीं चीन ने साइंटिफिक और रिसर्च की सफलताओं के मामले में भी कई पश्चिमी देशों को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन दुनिया में तकनीक महाशक्ति बनने की दम रखता है।

चीन का रक्षा, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, ऊर्जा, पर्यावरण, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एडवांस्ड मटेरियल और की क्वांटम क्षेत्र में दबदबा है। इनके अलावा चीन ड्रोन, मशीन लर्निंग, इलेक्ट्रिक बैटरी, न्यूक्लियर एनर्जी, फोटोवोल्टैक्स, क्वांटम सेंसर्स समेत कई क्षेत्रों में काफी आगे है। रिपोर्ट में बताया गया हैं कि कुछ क्षेत्रों में तो चीन की ताकत का आलम यह है कि दुनिया कि सभी शीर्ष 10 संस्थाएं चीन में ही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका केवल 7 अहम तकनीकों में आगे है। साथ ही ब्रिटेन और भारत भी 44 में से 29 तकनीकों के मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। दक्षिण कोरिया के मामले में यह आंकड़ा 20 और जर्मनी 17 है। चीन की इस तरह बढ़ती ताकत लोकतांत्रिक देशों के लिए घंटी हो सकता है। रिसर्च में चीन की बेहतर होती स्थिति का मतलब है कि उसने लगभग सभी क्षेत्रों की मौजूदा तकनीकों में खुद को न केवल मजबूत बना लिया है, बल्कि भविष्य की उन तकनीकों में भी आगे है, जो अभी वजूद में ही नहीं हैं।

Related Articles

Back to top button