ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मुख्य समाचार

उद्धव गुट की तत्काल सुनवाई की गुजारिश पर सुप्रीम कोर्ट का इंकार, मंगलवार को सुनवाई 

नई दिल्ली । शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उद्धव गुट ने तत्काल सुनवाई की गुजारिश की। उनकी मांग पर सीजेआई ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि याचिका को अर्जेंट मेंशन करने की एक प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के आदेश का उल्लेख किया। इस पर सीजेआई ने कहा कि अर्जेंट मैटर के मेंशन का सिस्टम बनाया गया है। सभी को उस सिस्टम को मानना पड़ेगा। इसलिए उन्हें मंगलवार को आना चाहिए। दरअसल, यह याचिका मेंशनिंग लिस्ट में नहीं थी। इसकारण सुप्रीम कोर्ट ने इस मंगलवार को मेंशन करने के लिए कहा। ठाकरे गुट ने निर्वाचन आयोग के आदेश को दोषपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्टे लगाने की गुहार लगाई है।
उद्धव गुट इस कोशिश में लगा हुआ था कि याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट हो जाए। उद्धव गुट के कदम की भनक शिंदे गुट को पहले ही थी। इसकारण उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया था।
दरअसल, चुनाव आयोग ने अपने फैसले में शिवसेना का नाम और तीर-कमान का चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को देने का निर्णय लिया था। इस फैसले के बाद एक तरफ शिंदे गुट में खुशी की लहर दौड़ गई थी, तब वहीं उद्धव गुट ने इस फैसले को सुनियोजित और पक्षपातपूर्ण बताया था। शिवसेना का नाम और निशान मिलने से उत्साहित शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर ये मांग कर दी थी कि बिना उनका पक्ष सुने कोई भी एकतरफा आदेश पारित न किया जाए।

Related Articles

Back to top button