ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
उत्तरप्रदेश

जलेसर दरगाह से हुए 99 करोड़ के गबन की अब EOW करेगी जांच, कमेटी ने चढ़ावे की रकम में की थी घपलेबाजी

उत्तर प्रदेश के एटा (Etah) जनपद के जलेसर स्थित बड़े मियां छोटे मियां दरगाह (Jalesar Bade Miyan Chote Miyan Dargah) में 99 करोड़ के घपलेबाजी (99 Crore Scam) की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। यह मामला लखनऊ ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया है। अभी तक इस मामले की जांच एटा पुलिस के पास थी।

इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। हालांकि आरोपी अभी भी फरार हैं।जानकारी के अनुसार, जलेसर की बड़े मियां दरगाह पर प्रबंध समिति ने 99 करोड़ का गबन किया था, जिसकी रिपोर्ट अप्रैल 2022 में जलेसर देहात के प्रधान शैलेंद्र राजपूत ने दर्ज कराई थी।

समति के अध्यक्ष अकबर अली सहित 10 लोग नामित किए गए। लोग बड़े मियां की दरगाह के चढ़ावे की रकम का बंदरबांट करते रहे हिसाब किताब प्रशासन को नहीं दिया था। आरोपितों ने जिला जज के यहां अग्रिम जमानत मांगी थी मगर खारिज कर दी गई। दरगाह पर इस समय प्रशासक की नियुक्ति है। इस दरगाह पर शनि जात के लिए हजारों श्रद्धालु हर शनिवार को आते हैं।

अब मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। शासन ने एटा पुलिस को फाइल लखनऊ भेजने का निर्देश दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम विनोद पांडे ने बताया शासन के निर्देश पर जांच अधिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी गई है। पुलिस द्वारा जांच में जो प्रगति की गई उसके बारे में भी जानकारी ईओडब्ल्यू को दी गई है।

Related Articles

Back to top button