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बार-बार स्नैकिंग की आदत भी करती है पेट खराब

अगर आपको बिना ब्रश किए बेड टी लेने की आदत है, तो सावधान हो जाइए! यह आदत आपके लिए कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, दिन भर में बार-बार कुछ न कुछ खाते रहने की आदत भी ओरल हाइजीन को प्रभावित कर आपको पाचन संबंधी समस्याएं दे सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह कथन बेहद प्रसिद्ध है कि मुंह साफ रहने पर डॉक्टर हमसे दूर रहते हैं। जबकि खराब ओरल हाइजीन पेट की गड़बड़ी का कारण बनती है। ओरल हाइजीन सही नहीं रहने पर मुंह की सारी गंदगी लार के माध्यम से पेट में चली जाती है। यही गंदगी खराब पाचन का कारण बनती है।

ओरल हाइजीन के प्रति जागरुकता

पबमेड सेंट्रल और भारत के जर्नल ऑफ़ फेमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारतीय समुदाय के लोगों में सही तरीके से मुंह और दांत की सफाई नहीं होने के कारण पेरियोडोंटल रोग, दंत क्षय यहां तक कि ओरल कैंसर होने का जोखिम सबसे अधिक रहता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि खराब ओरल हाइजीन मधुमेह और हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ा देती है। इसलिए इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।

क्या है ओरल हाइजीन और पेट का कनेक्शन

‘पाचन तंत्र न केवल मुंह से पाइपलाइन से जुड़ा है, बल्कि बाहरी दुनिया के साथ बायोलॉजिकल इंटरफ़ेस के रूप में कार्य करता है। आंत न केवल अलग- अलग खाए जाने वाले भोजन और पीये जाने वाले पेय के बारे में हमें बताता है, बल्कि शरीर की हर अच्छी-बुरी प्रतिक्रिया के बारे में भी जानकारी देता है। एक मजबूत आंत आपके पूरे स्वास्थ्य की देखभाल कर पाती है।

दरअसल आंतों में मौजूद माइक्रोफ्लोरा शरीर को भोजन पचाने और कुछ विटामिन बनाने में मदद करता है। यह सूक्ष्मजीवी हर प्रकार की बीमारी, संक्रमण के खिलाफ भी रक्षा करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली तभी सक्रिय होती है जब आपका माइक्रोबायोम स्वस्थ नहीं होता है। जब पाचन तंत्र में बैक्टीरिया में असंतुलन हो जाता है, तो यह मौखिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

यह मसूड़ों की बीमारी और दांतों की सड़न जैसी चीजों में योगदान देता है। आंत में अन्य समस्याएं जैसे कि एसिड रिफ्लक्स दांतों को खतरनाक एसिड के संपर्क में लाकर प्रतिकूल रूप से प्रभावित डालता है। यह इनेमल को खराब कर सकता है।

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