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मध्य प्रदेश में अब सीधा डाक्टरों के खाते में जाएगा ग्रामीण क्षेत्र भत्ता।

भोपाल। प्रदेश भर के सरकारी डाक्टरों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब उन्हें ग्रामीण क्षेत्र भत्ता लेने के लिए सीएमएचओ कार्यालय का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। हर माह की पांच तारीख को उनके खाते में राशि पहुंच जाएगी। उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेंद्र शुक्ल को शिकायत मिली थी कि डाक्टरों को समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है।उन्हें यह राशि देने में आनाकानी की जाती है। इसके बाद उन्होंने राशि आनलाइन उनके खाते में डालने के लिए कहा है। इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसी भी शिकायतें मिल रही थीं यह राशि लेने के लिए पांच से 10 प्रतिशत तक कमीशन भी डाक्टरों को देना पड़ रहा था। मध्य प्रदेश में पहले से ही ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। 300 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बिना डाक्टर के हैं। बाकी पूरा स्टाफ है, पर डाक्टर नहीं होने से रोगियों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी दो से तीन विशेषज्ञ ही हैं।इस कारण सीजर डिलीवरी भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में डाक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र भत्ता शुरू किया था, पर यह उनके वेतन के साथ नहीं मिल रहा था। निर्धारित मापदंड के अनुसार एक डाक्टर का 25 से 40 हजार रुपये तक भत्ता बनता था। इसके लेने के लिए डाक्टरों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी।भुगतान के बदले कमीशन मांगने की बात भी आ रही थी, पर डाक्टर डर के चलते बोल नहीं पा रहे थे। अब संचालक वित्त व एनएचएम की मिशन संचालक प्रियंका दास ने सभी सीएमएचओ को आदेश जारी कर कहा है हर माह की पांच तारीख को भत्ता खाते में नहीं आने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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