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PM मोदी न होते तो हम रिहा नहीं होते’, कतर में सजा-ए-मौत पाने वाले नागरिक भारत लौटे।

‘नई दिल्ली। कतर में हिरासत में लिए गए 8 भारतीय नागरिकों को रिहा कर दिया गया है और इनमें से 7 नागरिक भारत लौट आए हैं। गौरतलब है कि जासूसी के आरोप में इन 8 नागरिकों को कतर में सजा-ए-मौत की सजा दी गई थी। इन भारतीय नागरिकों को अगस्त 2022 में कतर के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। सभी 7 भारतीय नागरिकों ने भारत आने पर भारत माता की जय के नारे लगाए। कतर से लौटे पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों में से एक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बिना हमारे लिए यहां खड़ा रहना संभव नहीं था। पीएम मोदी और भारत सरकार के प्रयासों के कारण ही हमारी रिहाई संभव हो सकी है। 18 महीने किया इंतजार एक अन्य पूर्व भारतीय नौसेना कर्मी ने भारत लौटने पर खुशी जताते हुए कहा कि हमने भारत आने के लिए करीब 18 माह तक इंतजार किया। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत अधिक आभारी हैं भारत सरकार के हर प्रयास के लिए हम तहे दिल से आभार जताते हैं।गौरतलब है कि भारतीय नागरिकों को 25 मार्च, 2023 को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कतर के कानून के मुताबिक, कानूनी कार्यवाही से गुजरना पड़ा। इस दौरान 8 भारतीयों को मौत की सजा दी गई थी। तब भारत ने कतर के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए अपने नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्प तलाशने की बात कही थी। भारतीय की रिहाई पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए डहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है।

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