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कड़ी तस्करों के हौसले बुलंद, दस दिनों के भीतर दूसरी बार वन कर्मियों पर किया पथराव

विदिशा। जिले के लटेरी वन परिक्षेत्र में लकड़ी तस्करों के हौंसले इतने बुलंद है कि वे धरपकड़ के दौरान वन कर्मियों पर हमला करने से भी नहीं हिचकते। दो दिन पहले रविवार की रात को जब वन कर्मियों ने लकड़ी तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने टीम पर पथराव कर दिया और फरार हो गए। गनीमत रही कि इस पथराव में कोई घायल नहीं हुआ। इसके पहले 22 दिसंबर को भी जंगल से कीमती सागौन की अवैध कटाई कर ले जा रहे तस्करों द्वारा वन कर्मियों पर पथराव करने की घटना सामने आई थी।

लटेरी दक्षिण वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र सहरिया ने बताया कि रविवार की रात उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम टोका और धीरगढ़ के जंगल में कुछ लोग सागौन की लकड़ी ले जा रहे है। इस पर तत्काल वन विभाग की टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने घेराबंदी कर लकड़ी तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने वनकर्मियों पर पथराव कर दिया। वन कर्मियों ने अपना बचाव करते हुए आरोपितों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे वाहन और सागौन की लकड़ी छोड़कर भागने में सफल हो गए। वन अधिकारी सहरिया ने बताया कि उन्होंने 50 नग अवैध सागौन की लकड़ी और दो मोटर साइकिल जब्त कर ली है।

इधर, डीएफओ ओमकार सिंह मरकाम ने बताया कि इसके पहले 22 दिसंबर को धीरगढ और आरी के जंगल में भी वन कर्मियों की लकड़ी तस्करों से मुठभेड़ हुई थी। तब भी वे पथराव कर भाग गए थे। जंगल से 24 नग अवैध सागौन और दो मोटर साइकिल बरामद की थी। मरकाम ने बताया कि लकड़ी टक्कर जंगल में गोफन से पथराव करते है, इसलिए वन कर्मियों को उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।

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