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हिंदू धर्म में रात को नहीं जलाते दीपक, समझें इसके पीछे का कारण

इंदौर। हिंदू धर्म में माना गया है कि दीपक जलाना शुभ होता है। दीपक अंधकार को मिटाकर उजाला तो लाता ही है, यह नकारात्मकता को भी दूर करता है। दीपक को पूजा के समय जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है। घर में दीपक जलाने से भगवान आशीर्वाद देते हैं, जिससे घर पर कृपा बनी रहती है।

शास्त्रों में कहा गया है कि हमें घर में सुबह-शाम दीपक जलाना चाहिए, लेकिन एक बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि रात में दीपक को नहीं जलाना चाहिए। कई बार लोग संध्याकाल और रात के बीच के अंतर को नहीं समझ पाते हैं। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने रात में दीपक को जलाना गलत बताया है।

रात में क्यों नहीं जलाना चाहिए दीपक?

शास्त्रों में बताया गया है कि सात्विक और तांत्रिक दो तरह की पूजा होती है। घर में गृहस्थ लोग सात्विक पूजा कर भगवान को आशीर्वाद प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। वहीं तांत्रिक पूजा की विधि को तांत्रिक या अघोरी लोग अपनाते हैं।

गृहस्थ लोगों को यह समझना चाहिए कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त और सूर्यास्त तक का ही समय सात्विक पूजा का होता है। सूर्यास्त होने के बाद देवी-देवता विश्राम के लिए चले जाते हैं, ऐसे में फिर पूजा नहीं करनी चाहिए। दीपक जलाने का सही समय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का ही है।

सूर्यास्त के बाद दीपक को नहीं जलाना चाहिए। आप अगर ऐसा करते हैं तो इसे तांत्रिक क्रिया समझा जाता है। ऐसे में इसका सात्विक फल नहीं मिलता है। भगवान के सोने के बाद दीपक जलाना अशुभ ही माना जाता है।

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