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ईएमआई के जरिए खरीद 7% बढ़ी, बीएनपीएल और नो-कॉस्ट ईएमआई खरीददारी के अच्छे विकल्प बने

लंबी अवधि की ईएमआई, बाय नाऊ पे लेटर (बीएनपीएल) जैसी स्कीमों के चलते ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन की प्रीमियम रेंज की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। फेस्टिव सीजन में इनकी ईएमआई आधारित खरीदारी में 5-7 परसेंटेज पॉइंट तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक यह बीते 5 साल में सबसे तेज ग्रोथ है। बीएनपीएल ट्रैकिंग एजेंसियों के मुताबिक दिवाली तक मेट्रो मार्केट में टीवी, अप्लायंसेस के लिए नो-कॉस्ट ईएमआई आधारित खरीदारी का हिस्सा 60-65% पर पहुंच गया। जबकि मझोले और छोटे शहरों में इसकी हिस्सेदारी 40-45% रही।

मार्केट ट्रैकर काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक स्मार्टफोन की खरीदारी में नो कॉस्ट ईएमआई की हिस्सेदारी बीते साल के 28% से बढ़कर इस साल 33% तक पहुंच गई। फिनटेक कंपनी एक्सियो के सीएफओ अक्षय सरमा के मुताबिक त्योहारों में नो- कॉस्ट ईएमआई के जरिये हाई एवरेज सेलिंग प्राइस (एचएएसपी) वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री ज्यादा होती है। कंज्यूमर बजट से ज्यादा खर्च करते हैं। बीएनपीएल या नो-कॉस्ट ईएमआई उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प होती हैं।

कंज्यूमर 3-4 साल में अपग्रेड कर रहे

एक्सिस बैंक के रिटेल कर्ज प्रमुख सुमित बाली के मुताबिक बाजार में मौजूद आकर्षक क्रेडिट स्कीमों के चलते लोग अब हर 3-4 साल में कार या मोबाइल को अपग्रेड करने लगे हैं। पहले जहां किसी उत्पाद की कीमत के 90% तक लोन मिलता था, अब इसका आंकड़ा बढ़कर 95% तक पहुंच गया है। ग्राहक भी 60-84 महीने की लंबी लोन अवधि को प्राथमिकता देने लगे हैं।

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