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पंजाब

पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर का OSD संदीप संधू नामजद, कभी भी हो सकती गिरफ्तारी

लुधियाना: कैप्टन संदीप संधू।पंजाब के लुधियाना में विजिलेंस टीम ने गांव सिधवां बेट में स्ट्रीट लाइट घोटाले में पंजाब कांग्रेस के सचिव कैप्टन संदीप संधू को नामजद कर दिया है। संधू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार रहे थे।आरोपियों ने 26 गांवों में लगाई जाने वाली स्ट्रीट लाइट स्वीकृत दर से दोगुनी कीमत पर 65 लाख रुपए में खरीदी है। सरकारी अनुदान में इस हेराफेरी का खुलासा मामले की जांच में हुआ। इससे पहले 28 सितंबर को विजिलेंस ने कैप्टन संधू के दूर के रिश्तेदार मुक्तसर साहिब के हरप्रीत सिंह को भी नामजद किया था।मिली जानकारी के अनुसार, विजिलेंस जांच नंबर 03, 12-07-2022 में यह पाया गया कि सतविंदर सिंह BDPO (अब निलम्बित) सिधवां बेट ब्लॉक को अपनी पोस्टिंग के दौरान 26 गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सरकारी फंड मिला था। उक्त BDPO ने मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलकर 3,325 रुपए की बजाय 7,288 रुपए प्रति लाइट की दर से लाइटें खरीदी।बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 65 लाख रुपए के सरकारी फंड का दुरुपयोग किया और राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया। सतविंदर सिंह कंग BDPO और मेसर्स अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के गौरव शर्मा के खिलाफ विजिलेंस लुधियाना में मामला दर्ज था। इसी दौरान VDO तेजा सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था।पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ संदीप संधू।आरोपियों ने स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव 30-12-2021 को ब्लॉक समिति सिधवां बेट के सदस्यों द्वारा पारित किया था।आरोपियों ने कहा कि इस तरह उन्होंने अपने उपयोग के लिए 65 लाख रुपए के सरकारी अनुदान का दुरुपयोग किया और राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया।उक्त बीडीपीओ ने धनराशि हड़पने के लिए एक पूर्णता प्रमाण पत्र भी तैयार किया था, भले ही 26 गांवों में स्ट्रीट लाइट बिल्कुल भी नहीं लगाई गई थी। विजिलेंस के एक अधिकारी ने कहा कि बीडीपीओ कंग ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को लिखा था और विजिलेंस को भी यही बयान दिया था कि उन्होंने कैप्टन संदीप संधू और उनके रिश्तेदार हरप्रीत सिंह के निर्देश पर सब कुछ किया।इसके अलावा, मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ अजीत अत्री ने मालिक गौरव शर्मा की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी।प्रस्ताव पारित होने से पहले कोटेशन को मंजूरीबताया गया है कि आरोपी BDPO ने प्रस्ताव पारित होने से पहले 27-12-2021 को कोटेशन को मंजूरी दे दी थी। राशि को हड़पने के लिए BDPO ने पूर्णता प्रमाण पत्र भी तैयार किया, लेकिन 26 गांवों में स्ट्रीट लाइट नहीं लगवाई गई। आरोपी BDPO और चेयरमैन से विजिलेंस पूछताछ कर रही है।गौरतबल है कि गिरफ्तार किए गए VDO तेजा सिंह, BDPO (अब निलम्बित) सतविंदर सिंह और गौरव शर्मा को आमने-सामने बैठा कर विजिलेंस ने पूछताछ की। इस दौरान कैप्टन संदीप संधू पर आकर आरोपियों की सुई ठहर गई थी। कैप्टन संदीप संधू की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है।

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