ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
धार्मिक

महानवमी पर इस तरह करें कन्या पूजन, देवी मां प्रसन्न होकर देंगी आशीर्वाद

इंदौर।  नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन अनुष्ठान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। साधक अष्टमी तिथि या नवमी तिथि को कुमारी पूजा करते हैं। इस दौरान जो लोग व्रत रख रहे हैं या घर पर कन्या पूजन कर रहे हैं, उन्हें कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन दिनों सात्विकता का पालन करना चाहिए। अष्टमी-नवमी की पूजा में उन्हीं चीजों का इस्तेमाल करें, जिन्हें आप मां दुर्गा को समर्पित करने का बाद खुद उपयोग कर सकें।

महानवमी कन्या पूजन मुहूर्त

महानवमी कुमारी पूजा तिथि 23 अक्टूबर 2023 सोमवार

नवमी तिथि प्रारंभ – 22 अक्टूबर 2023 शाम 07:58 बजे से।

नवमी तिथि समापन – 23 अक्टूबर 2023 शाम 05:44 बजे तक।

कन्या पूजन का महत्व

कन्या पूजन देवी दुर्गा की पूजा करने के समान ही है। मान्यता है कि कन्याओं में देवी मां का वास होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कुमारी पूजा के लिए दो से दस वर्ष की आयु वाली कन्या उपयुक्त होती हैं। कन्याएं देवी दुर्गा के कई रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनकी पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। जो भक्त अपने घर में कन्याओं का पूजन करते हैं, उनके घर में कभी दरिद्रता निवास नहीं करती। कन्या पूजन बहुत ही पवित्र अनुष्ठान माना जाता है।

इस विधि से करें कन्या पूजन

  • नौ कन्याओं और एक बालक को अपने घर आमंत्रित करें।
  • पूरे उत्साह के साथ कन्याओं का स्वागत करें।
  • कन्याओं के पैर धोएं।
  • कन्याओं के माथे पर अक्षत और कुमकुम लगाएं।
  • कन्याओं को चुनरी ओढ़ानी चाहिए।
  • कन्याओं को हलवा-पूरी और चने का प्रसाद खिलाएं।
  • अंत में चरण स्पर्श करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा दें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button