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मध्यप्रदेश

संभागायुक्त के आदेश के बाद भी नहीं बदले एमजीएम मेडिकल कालेज के क्लर्क और प्रभारी

इंदौर। एमजीएम मेडिकल कालेज में पिछले दिनों संभागायुक्त मालसिंह ने बैठक ली थी। इसमें उन्होंने नियुक्ति की फाइलें कार्यालय में बुलवाई थीं। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिए थे कि जिस भी विभाग में एचओडी, प्रभारी, क्लर्क आदि को तीन वर्ष से अधिक समय हो गया है, उनके स्थान पर अन्य की नियुक्ति की जाए। इसके बाद एमजीएम कालेज से संबद्ध कई अस्पतालों में एचओडी और प्रभारियों को तो बदल दिया गया, लेकिन कुछ अभी भी उसी स्थान पर पदस्थ हैं।

 

हाल ही में कम्युनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डा. सलिल साकल्ले के स्थान पर डा. अजय भट्ट को क्रय शाखा का प्रभारी, डा. एसबी बंसल के स्थान पर डा. रोहित मन्याल को स्थापना शाखा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं प्रभारी फार्मासिस्ट क्रय विभाग राकेश गोरखे को भी बदल गया है। जानकारी के अनुसार संभागायुक्त ने एमजीएम में जितने भी आर्डर हुए, उनकी फाइल बुलाई थी। उनमें कई प्रकार की अनियमितता पाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तीन वर्ष का समय पूरा कर चुके कर्मचारियों और प्रभारियों को बदलने का आदेश दिया था। इसी संदर्भ में लगे आरोपों की भी जांच चल रही है। जांच पूरी हो जाने के बाद कई और नामों के सामने आने की भी आशंका है।

इन कर्मचारी पर अभी भी मेहरबानी क्यों?

बता दें कि एमवाय के हर विभाग में एक क्लर्क और एक प्रभारी होते हैं। अस्पताल में कई विभाग ऐसे हैं, जहां पदस्थ कुछ कर्मचारियों को तो करीब पांच साल हो गए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक बदला नहीं गया है।

यहां तीन साल से अधिक समय के बाद भी नहीं बदले

अस्पताल पद
एमवाय अस्पताल अकाउंटेंट (क्लर्क), प्रभारी अधिकारी, स्थापना क्लर्क
डेंटल कालेज अकाउंटेंट (क्लर्क), स्थापना क्लर्क
कैंसर अस्पताल अकाउंटेंट (क्लर्क), प्रभारी अधिकारी, स्थापना क्लर्क
चाचा नेहरू स्टोर कीपर, प्रभारी अधिकारी
एमआरटीबी स्टोर कीपर, प्रभारी अधिकारी
मानसिक चिकित्सालय स्थापना क्लर्क

टीएडीए पास करने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन

जानकारी के अनुसार, अस्पताल के कई डाक्टर क्लर्क से इतना परेशान हैं कि यदि वे इंदौर से बाहर अस्पताल के काम से जाते हैं और उसके खर्च के लिए टीएडीए पास करवाना हो तो उसके लिए भी 10 प्रतिशत कमीशन देना होता है। जब तक यह कमीशन नहीं देते हैं तो उनका टीएडीए पास नहीं हो पाता है।

हटाने की प्रक्रिया चल रही है

जो कर्मचारी-अधिकारी कई वर्षों से पदस्थ हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। जो लोग शेष हैं, उन्हें जल्द हटाने की प्रक्रिया करूंगा। – मालसिंह, संभागायुक्त

जल्द नई नियुक्ति करेंगे

अभी हम देख रहे हैं कि कौन-कौन से विभाग में तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी कितने हैं। उनके स्थान पर जल्द ही अन्य की नियुक्ति कर दी जाएगी। – डा. संजय दीक्षित, डीन, एमजीएम मेडिकल कालेज

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