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छात्रा द्वारा स्कूल की छत से गिरने का मामले में आया नया मोड़, Student ने बताई यह सच्चाई

लुधियाना: ग्यासपुरा के इलाके के अधीन आते प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की छात्रा की छत से गिरने के हादसे को लेकर नई बात सामने आई है। स्कूल की छात्रा ने छत से छलांग लगाने की बात को गलत बताते हुए कहा कि पेपरों के कारण वह मानसिक तनाव में थी जिसके चलते वह छत पर गई तो वहां पर उसका पैर फिसल गया और वह गिर गई। अस्पताल में भर्ती स्टूडैंट ने बताया कि वायरल हुई वीडियो जिसमें स्कूल प्रबधकों की तरफ से मुंह पर चोर लिखने की बात कही गई है, वह बिल्कुल गलत है, इस तरह का कुछ भी नहीं।

वहीं दूसरी तरफ कुछ सामाजिक संगठनों की तरफ से स्कूल के बाहर धरना लगाया गया। उनका आरोप था कि स्कूल प्रबंधकों की तरफ से बच्ची के माता-पिता पर दबाव बना कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है जबकि सच्चाई यह है कि बच्ची ने छलांग लगाई थी। बच्ची की माता ने बताया कि उनकी बच्ची का पैर फिसलने से ही हादसा हुआ है। जब उनकी बच्ची गिरी तो स्कूल के स्टाफ ने ही उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया और उसका खर्च भी उठाया। उन्होंने किसी भी संगठन को धरना लगाने के लिए नहीं कहा और न ही वे उन्हें जानते हैं। वहीं उसके पिता ने भी अपने बयान में कहा था कि उसकी बच्ची मानसिक तनाव में थी। पिछले पेपरों में उसके नंबर कम आए थे और टीचर ने उन्हें बुलाकर कहा भी था।

इस संबंध में ए.सी.पी. संदीप वढेरा ने बताया कि पुलिस बच्ची का बयान लेने गई थी लेकिन डॉक्टरों ने उसकी हालत ठीक न होने की बात कही जिस पर उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मामले को लेकर बयान दर्ज करने के बाद ही अगली कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में यह भी पता चला है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते ही स्कूल के बाहर धरना लगा रहे हैं जिसे लेकर जांच की जा रही है। गौर हो कि पहले वायरल वीडियो में कहा गया था कि प्रबंधकों की तरफ से स्टूडैंट के माथे पर चोर लिखा गया था जिससे तनाव में आकर बच्ची ने छलांग लगा दी थी।

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