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मध्यप्रदेश

किताब लिखने के लिए शुरु की भारत यात्रा तय किया 3600 किमी का सफर

भोपाल। जब मेरा पढ़ाई चल रही था तब मैं काफी कुछ साइकोलाजी को भी पढ़ रहा था। उसके ऊपर किताब लिखना चाहता था। इसलिए भारत की यात्रा पर निकला। यह कहना है, बेंगलुरु से निकले 31 वर्षीय डा. आशुतोष बेलुर का। जो इस यात्रा के जरिए दो किताब लिखना चाहते हैं, जिसमें मेरे सफर के अनुभव के साथ लोगों की मानसिकता क्या है, किस तरह भारत में लोग एक-दूसरे के साथ रहते हैं। यह बताने की कोशिश करूंगा। देश में डाइवर्सिटी इतनी अच्छी है कि लोगों के बारे में समझने का मौका मिल रहा है।

35 हजार किमी का सफर करना है तय

उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी कई जगहें हैं, जहां साइकिल से यात्रा कर घूमा जा सकता है। बेंगलुरु से निकलकर, महाराष्ट्र और गोवा होते हुए भोपाल पहुंचे। 123 दिन में 3600 किमी की साइकिल से यात्रा करते हुए पहुंचे हैं। इस पूरी यात्रा का टाइमलाइन ढाई साल है। उन्होंने कहा कि मेरा टारगेट 35 हजार किलोमीटर का सफर तय करना है। इसका मकसद लोगों से मिलकर लोगों के विचारों को समझ कर उन पर दो किताबें लिखना है। मैंने जीव रसायन में पीएचडी हाल ही में खत्म हुई है, वहीं मेरी रूचि साइकोलााजी में है।

100 से ज्यादा शहर का कर चुका हूं सफर

डा. आशुतोष की हाइट 6 फीट 6 इंच है और मैं जब से सफर पर निकला हूं रोजाना 50 किमी साइकिल चलाता हूं। अब तक कुल 100 से ज्यादा शहरों में सफर कर चुका हूं। अब यहां से आगे की यात्रा उज्जैन से इंदौर और फिर गुजरात की तरफ रुख करने वाला हूं। पूरे देश का अभियान मेरा बेंगलुरू पर ही खत्म होगा।

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