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सीपीआइ मामले में NIA ने की छत्तीसगढ़-तेलंगाना में छापेमारी, तलाशी में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त

रायपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े एक मामले के सिलसिले में शनिवार को तेलंगाना व छत्तीसगढ़ में सिलसिलेवार छापेमारी और तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक जून में तेलंगाना के कोठागुडेम के चेरला मंडल में तीन आरोपितों के पास से विस्फोटक सामग्री, ड्रोन और एक लेथ मशीन जब्त होने के बाद एनआइए ने 12 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। स्थानीय पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया। इस सामग्री का उपयोग देश-निर्मित हथियारों के निर्माण में किया जाना था, जिसे भारत के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के खिलाफ तैनात किया जाना था।

दरअसल, देश के लिए व राज्य सुरक्षा निहितार्थों को देखते हुए मामला बाद में एनआइए को सौंप दिया गया था। चेरला ड्रोन मामले में अपनी जारी जांच के तहत जैसा कि ज्ञात हुआ है, एनआइए ने शनिवार को दो राज्यों तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में आठ स्थानों पर छापे मारे। तेलंगाना के वारंगल में पांच स्थानों और भद्राद्री कोठागुदम में दो स्थानों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक स्थान पर आरोपितों के परिसरों की तलाशी में कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज़ जब्त किए गए।

विभिन्न प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल एक वामपंथी चरमपंथी संगठन, सीपीआइ (माओवादी) को रसद सहायता प्रदान करने में आरोप की भागीदारी को उजागर करने के लिए इन उपकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। लंबे समय तक चलने वाले तथाकथित ”जनयुद्ध” के माध्यम से भारत सरकार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य था। प्रथम दृष्टया आरोपित अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित संगठन को कच्चा माल उपलब्ध करा रहे थे।

गौरतलब है कि सीपीआइ (माओवादी) ने हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में अपनी हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

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